अनूप मिश्रा, बहराइच. विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सिसहना निवासी वासुदेव शुक्ल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गाटा संख्या 76, रकबा 0.0200 हेक्टेयर पर किए गए आवासीय पट्टे को निरस्त कराने, साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने वर्ष 1969 में तत्कालीन ग्राम प्रधान से आवास के लिए जमीन खरीदी थी. उक्त भूमि पर कब्जा लेकर वह कच्चा मकान व छप्पर डालकर लंबे समय से रह रहा है. भूमि को लेकर पूर्व में विवाद होने पर सिविल न्यायालय कैसरगंज से स्थायी निषेधाज्ञा का आदेश भी उसके पक्ष में पारित हो चुका है.

वासुदेव शुक्ल का आरोप है कि 9 जून 2026 को पूर्व ग्राम प्रधान केशवराम ने अपने भाई शिवशंकर को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर विवादित भूमि का आवासीय पट्टा करा दिया. शिकायतकर्ता के अनुसार पट्टा प्रक्रिया में वर्तमान ग्राम प्रधान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं किया गया और न ही प्रस्ताव पर ग्राम पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर हैं.

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आरोप है कि खुली बैठक का प्रस्ताव, मुनादी-डुग्गी आदि की कार्रवाई भी फर्जी तरीके से तैयार कराई गई. शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर स्पष्ट किया जा चुका है कि उनकी ओर से उक्त पट्टे का कोई प्रस्ताव नहीं किया गया. इसके बावजूद अब तक मामले की जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है.

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति के नाम पट्टा कराया गया है, वह आवासीय पट्टे का पात्र नहीं है. उसके पास पक्का मकान तथा पट्टे वाली भूमि के समीप पर्याप्त कृषि भूमि होने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच की मांग की है. आरोप है कि विपक्षी लगातार जमीन खाली करने की धमकी दे रहे हैं और जबरन कब्जे का प्रयास किया जा सकता है. शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पट्टे की प्रक्रिया, ग्राम सभा के प्रस्ताव और संबंधित अभिलेखों की जांच कराकर पट्टा निरस्त करने तथा मामले में शामिल लोगों के खिलाफ वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है.