मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आठों आरोपियों को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. एंटी करप्शन कोर्ट ने सभी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. गुरुवार को आखिरी बचे आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की जमानत याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी. सुभाष श्रीवास्तव गणना कक्ष में चढ़ावा राशि की काउंटिंग के प्रभारी थे और उन पर चोरी में मिलीभगत का आरोप है.

इससे पहले कोर्ट मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र और अनुकल्प मिश्र समेत अन्य की जमानत पहले ही खारिज कर चुका है. अब सभी आरोपी हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील कर सकेंगे. पुलिस की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सीसीटीवी फुटेज और चोरी की रकम की बरामदगी को आधार बनाया गया है.

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रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला ने 85 बार चोरी की रकम अपने पास रखी और 4 बार सहयोगियों की मदद की, जबकि करुणेश ने 2 बार खुद रकम रखी और 68 बार सहयोगियों की मदद की. वहीं लवकुश ने 1 बार रकम रखी और 52 बार चोरी में सहयोग किया.बताया जा रहा है कि आरोपियों ने चोरी की रकम को अपने घरों, शौचालयों और भूसे के ढेर में छिपा कर रखा था.