भिवानी के डाबर कॉलोनी स्थित आश्रम में लोक कल्याण और विश्व शांति के लिए बाल योगी मोहनपुरी महाराज की 21 दिवसीय पंच धुनी तपस्या शनिवार को 10वें दिन भी जारी रही। इस प्रचंड गर्मी में महाराज चारों तरफ अग्नि जलाकर ईश्वर आराधना में लीन हैं।

अजय सैनी ,भिवानी। स्थानीय डाबर कॉलोनी स्थित तोशाम बाईपास पर स्थित श्रीमहंत बाबा सेवापुरी महाराज के आश्रम में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म का एक अलौकिक माहौल बना हुआ है। श्रीश्री 1008 श्रीमहंत रामापुरी महाराज के परम शिष्य बाल योगी मोहनपुरी महाराज द्वारा लोक कल्याण, विश्व शांति और सनातन धर्म के उत्थान के लिए की जा रही 21 दिवसीय कठिन पंच धुनी तपस्या शनिवार को 10वें दिन भी पूरी निष्ठा के साथ जारी रही। यह विशेष साधना बीते 21 मई से शुरू हुई थी और आगामी 10 जून को विशाल भव्य प्रसाद वितरण के साथ इसका विधिवत समापन होगा। इस अलौकिक साधना को देखने और महाराज का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु और साधु-संत लगातार आश्रम पहुंच रहे हैं।

प्रचंड गर्मी में बेहद कठिन साधना

इस आध्यात्मिक अनुष्ठान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आश्रम के समर्पित सेवक पुनीत, पालू (दीपक), बिजेंद्र, डॉन, रोहित, विक्की, राजवीर, कालू, हर्ष, भीम, दीपक और नीरज आदि ने बताया कि पंच धुनी तपस्या सनातन परंपरा की सबसे कठिन and उच्च स्तरीय साधनाओं में से एक मानी जाती है। इस साधना के दौरान तपस्वी चारों दिशाओं में धधकती हुई पवित्र अग्नि (धुनी) जलाते हैं और पांचवीं धुनी के रूप में ऊपर से साक्षात सूर्य देव का तीक्ष्ण ताप सहन करते हैं। इस भीषण और प्रचंड गर्मी के मौसम में, जहां आम इंसानों का अपने घरों से बाहर निकलना भी बेहद मुश्किल हो रहा है, वहीं बाल योगी मोहनपुरी महाराज इस प्रचंड ऊष्मा के बीच बैठकर भगवान की गहरी आराधना में लीन हैं।

विश्व शांति और जन कल्याण उद्देश्य

आश्रम के सेवकों ने भावुक होकर कहा कि बाल योगी मोहनपुरी महाराज द्वारा की जा रही यह 21 दिवसीय Bal Yogi Mohanpuri Maharaj Tapasya केवल उनकी कोई व्यक्तिगत साधना नहीं है, बल्कि यह चराचर जगत के कल्याण, पर्यावरण की शुद्धि और हमारे पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि व शांति के लिए की जा रही है। महाराज बिना विचलित हुए इस भीषण अग्निपरीक्षा को पार कर रहे हैं, जो उनकी अटूट आस्था और कठोर तप को दर्शाती है। आश्रम में सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है, जहां लोग भजन-कीर्तन करते हैं। 10 जून को होने वाले समापन समारोह की तैयारियां भी अभी से शुरू कर दी गई हैं, जिसमें भारी संख्या में भंडारे का आयोजन किया जाएगा।