शब्बीर अहमद,भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित नेताओं को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि सभी स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक और पूर्व मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करें।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर हुई किसी भी तरह की लापरवाही और बच्चों की मौत के कारणों की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे क्षेत्र में जाकर लोगों से सीधे संवाद करें और जमीनी स्थिति की जानकारी लें। बच्चों की मौत के पीछे अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी जानकारी भी सरकार तक पहुंचाई जाए।
सिकल सेल एनीमिया को लेकर भी मंथन
बैठक में मध्य प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया के बढ़ते मामलों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आदिवासी क्षेत्रों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता और प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। सरकार का फोकस आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर उपचार पहुंचाने पर है।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास कार्यों की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं को लेकर भी जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों तक उनका लाभ पहुंचने की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने और विकास एवं स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
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