दिल्ली में आज मोदी कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है. आज होने वाली मोदी कैबिनेट की बैठक सैलरीड क्लास के लिए एक बड़ा दिन साबित हो सकती है. इसमें सबसे बड़ा मुद्दा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPF) से जुड़ा है. मोदी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने पर विचार हो सकता है.

केंद्र सरकार ने नई कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना-2026 में खास प्रावधान जोड़ा है. अभी जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और DA 15,000 रुपये तक है, उनके लिए EPF/EPS कवरेज अनिवार्य है. 

मोदी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में आज कुछ अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेज लिमिट को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. 

अभी तक ईपीएफओ के नियमों के तहत जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के साथ महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर 15,000 रुपये तक बनता है, उनका पीएफ कटना अनिवार्य होता है.

EPFO से जुड़े करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए आज यानी कि 16 सितंबर का दिन बहुत ही अहम साबित हो सकता है. वेज लिमिट 1 सितंबर 2014 के बाद से अब तक नहीं बदली गई है. 15,000 रुपये की सीमा 1 सितंबर, 2014 से वैसी ही बनी हुई है.

इन सबके के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य फॉर्मल सेक्टर में सोशल सिक्योरिटी को बढ़ाना है. इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के वक्त एक बड़ा फंड मिल सकेगा. हालांकि, कवरेज की सीमा बढ़ाने का मतलब यह ज़रूरी नहीं है कि एम्प्लॉयर को ज़्यादा अनिवार्य योगदान देना होगा.

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