लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद। जिले के डौंडी विकासखंड की बम्हनी ग्राम पंचायत से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां आश्रित ग्राम कटरेल के ग्रामीणों ने अपनी ही सरपंच पर विकास कार्य के नाम पर 45 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो साल पहले गांव में विकास कार्य कराने की बात कहकर उनसे चंदा के रूप में रकम ली गई थी, लेकिन अब तक न तो कोई काम हुआ और न ही ग्रामीणों को उनकी रकम वापस की गई।

ग्रामीणों के मुताबिक कटरेल गांव चारों तरफ से जंगलों से घिरा हुआ है और लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी बीच ग्राम पंचायत की सरपंच निर्मला चुरेन्द्र की ओर से गांव में विकास कार्य कराने की बात कही गई। ग्रामीणों ने विकास की उम्मीद में गांव के लोगों से चंदा एकत्र किया और करीब दो साल पहले 45 हजार रुपये सरपंच को दिए।

ग्रामीणों का आरोप है कि रकम देने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि गांव में विकास कार्य शुरू होंगे और उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन समय बीतने के बावजूद ऐसा कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, जब विकास कार्य नहीं हुए तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन उन्हें पैसे भी वापस नहीं मिले।

मामले से नाराज ग्रामीण सोमवार को डौंडी थाने पहुंचे और सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस अब शिकायत और पूरे मामले की जांच कर रही है।

खनन प्रभावित क्षेत्र में विकास के लिए आने वाली राशि पर भी सवाल

इस मामले ने पंचायत में होने वाले विकास कार्यों और उसके लिए उपलब्ध सरकारी राशि को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। डौंडी विकासखंड का यह क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के साथ ही खनन प्रभावित क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है और विकास के लिए भी अलग-अलग मदों से राशि आती है। ऐसे में सवाल यह है कि कटरेल जैसे गांव में विकास कार्यों के लिए ग्रामीणों से चंदा लेने की जरूरत क्यों पड़ी।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए सरकारी राशि उपलब्ध होती है, तो उनसे 45 हजार रुपये किस आधार पर लिए गए। क्या यह रकम किसी विकास कार्य को स्वीकृत कराने या काम शुरू कराने के नाम पर ली गई थी, यह भी जांच का विषय है।

थाने पहुंची सरपंच, नहीं बनी बात

इधर, पूरे मामले को लेकर सरपंच निर्मला चुरेन्द्र भी थाने पहुंचीं। हालांकि ग्रामीणों और सरपंच के बीच बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल सका। फिलहाल पुलिस शिकायत की जांच में जुटी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ग्रामीणों से रकम किस उद्देश्य से ली गई थी और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई बनती है।

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