Business Desk- Bank of Baroda News : अपनी बैलेंस शीट को साफ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा ने 2,776 करोड़ के स्ट्रेस्ड लोन (खराब लोन) बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बैंक ने 41 खातों वाले एक पोर्टफोलियो के लिए एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) और NBFCs से बोलियाँ मंगवाई हैं.

चर्चा का एक अहम बिंदु यह है कि इस पोर्टफोलियो में कई ऐसे खाते शामिल हैं, जिन्हें पहले ही धोखाधड़ी वाला घोषित किया जा चुका है. बैंकिंग क्षेत्र में, इस कदम को एक बड़े ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (सफाई अभियान) के तौर पर देखा जा रहा है. इस सूची में बिजली, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, मीडिया और टेक्सटाइल क्षेत्रों की कई कंपनियाँ शामिल हैं, जिससे बाज़ार की हलचल बढ़ गई है.

शिरपुर पावर: सबसे ज्यादा बकाया

इस पूरे पोर्टफोलियो में, शिरपुर पावर का बकाया सबसे ज्यादा है. कंपनी पर बैंक का लगभग 526.68 करोड़ बकाया है. यह तथ्य कि बिजली क्षेत्र की यह कंपनी सूची में सबसे ऊपर है. इस बात का साफ संकेत है कि ऊर्जा क्षेत्र की कई कंपनियां अभी भी वित्तीय संकट से जूझ रही हैं. इस खास खाते को बैंक के सामने सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है.

उषदेव इंटरनेशनल: एक बड़ा डिफॉल्ट

दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रेस्ड खाता उषदेव इंटरनेशनल का है, जिस पर कथित तौर पर 280.28 करोड़ का बकाया है. यह कंपनी पहले भी कर्ज़ संकट और वित्तीय अनियमितताओं के कारण सुर्खियों में रही है. बैंक ने इस खाते को ‘धोखाधड़ी’ की श्रेणी में डाल दिया है, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है.

पिक्सियन मीडिया: बढ़ती चिंताएं

मीडिया क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी पिक्सियन मीडिया पर 154.68 करोड़ का बकाया है. इस कंपनी का नाम धोखाधड़ी वाले घोषित खातों की सूची में शामिल होने से बैंकिंग प्रणाली में चिंताएं बढ़ गई हैं. यह मामला मीडिया और डिजिटल व्यापार क्षेत्रों में शामिल कंपनियों को प्रभावित करने वाले बढ़ते कर्ज संकट की ओर भी इशारा करता है.

अभिजीत प्रोजेक्ट्स: 150 करोड़ से ज्यादा का बकाया

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी अभिजीत प्रोजेक्ट्स पर 150.18 करोड़ का बकाया है. पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कई कंपनियां फंडिंग की कमी और कैश-फ्लो संकट से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. नतीजतन, कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों पर NPAs (नॉन-परफ़ॉर्मिंग एसेट्स) का दबाव बढ़ गया है.

निर्मल लाइफस्टाइल का रियल एस्टेट संकट

इस लिस्ट में रियल एस्टेट कंपनी निर्मल लाइफस्टाइल का नाम भी शामिल है. कंपनी पर बैंक का 145.77 करोड़ का बकाया है. रियल एस्टेट सेक्टर में बिक्री में सुस्ती और फंडिंग की कमी के कारण कई कंपनियाँ मुश्किल में पड़ गई हैं, जिसका असर अब बैंकों की बैलेंस शीट पर भी साफ दिखाई दे रहा है.

इन कंपनियों पर भी भारी बकाया

इस लिस्ट में टॉप 10 खातों में SE Transstadia पर 127.09 करोड़ Seya Industries पर 126.03 करोड़, Pearl Vision पर 117.79 करोड़ Ranchi Expressway पर 110.34 करोड़ और Century Communication पर 106.19 करोड़ का बकाया शामिल है. सिर्फ इन टॉप 10 खातों का कुल बकाया 1,900 करोड़ से ज्यादा है, जो बैंक के पूरे पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा है.

कई खाते धोखाधड़ी वाले घोषित

बैंक ने जिन खातों को धोखाधड़ी वाला घोषित किया है, उनमें Torque Automotive, Pearl Vision, Century Communication, Shri Lal Mahal और SRS Modern Sales जैसी कंपनियां शामिल हैं. हालांकि, बैंक ने यह साफ किया है कि इन खातों की बिक्री से CBI, पुलिस या दूसरी रेगुलेटरी एजेंसियों द्वारा की जा रही मौजूदा जाँच पर किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा.