फुलवारीशरीफ/पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को पटना के फुलवारीशरीफ में एक राजस्व कर्मचारी राणा गोपाल और उसके दलाल गुड्‌डू को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने जमीन से जुड़ी जांच रिपोर्ट को आवेदक के पक्ष में तैयार करने के लिए यह घूस मांगी थी।

​क्या है पूरा मामला?

​शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार सुमन ने पटना डीएम के कार्यालय में अपनी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए थे। यह जिम्मेदारी फुलवारीशरीफ के राजस्व कर्मचारी राणा गोपाल को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच रिपोर्ट तैयार करने और उसे आवेदक के पक्ष में करने के एवज में राजस्व कर्मचारी ने अपने दलाल गुड्‌डू के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग की।

​निगरानी विभाग ने बिछाया जाल

​रिश्वतखोरी से तंग आकर प्रवीण कुमार सुमन ने 1 जून को निगरानी विभाग में लिखित शिकायत की। विभाग ने मामले की प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निगरानी की विशेष टीम ने योजना बनाई। गुरुवार को जैसे ही पंचायत भवन (मैनपुर अंडा) में पीड़ित ने घूस की राशि सौंपी, निगरानी टीम ने छापा मार दिया।

​रंगेहाथ गिरफ्तारी और बरामदगी

​निगरानी की टीम ने राजस्व कर्मचारी राणा गोपाल को 35 हजार रुपये और दलाल गुड्‌डू को 10 हजार रुपये के साथ मौके पर ही धर दबोचा। निगरानी डीएसपी रिशिता स्नेह ने पुष्टि की है कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी ने स्थानीय अंचल कार्यालय में हड़कंप मचा दिया है।
​भ्रष्ट अधिकारियों पर निगरानी विभाग की यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि सरकारी कार्यों के नाम पर अवैध वसूली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं।