गया। राजनीतिक चुनौतियों के बीच आगामी रणनीति को धार देने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) ने गया में सांगठनिक स्तर पर आक्रामक तैयारी शुरू कर दी है। बिसार तलाब स्थित जदयू जिला कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी ने अपनी जड़ों को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है। जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी प्रखंड और नगर परिषद अध्यक्षों को संगठन विस्तार और नीतीश सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।

हर घर पर दिखे जदयू का परचम

​बैठक में जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा ने अनुशासन और पार्टी की दृश्यता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक का हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता अब अपने घर पर अनिवार्य रूप से पार्टी का झंडा लगाएगा। इतना ही नहीं, हर कार्यकर्ता के दरवाजे पर जदयू की पहचान वाली नेम प्लेट लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जमीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी को मनोवैज्ञानिक रूप से स्थापित करने की एक सोची-समझी रणनीति है। जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के विकास कार्यों और पार्टी की विचारधारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अब प्रत्येक कार्यकर्ता की प्राथमिकता होनी चाहिए।

​प्रखंड मुख्यालयों में सुविधायुक्त कार्यालय

​संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए श्री कुशवाहा ने सभी प्रखंड और नगर परिषद अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अविलंब अपने-अपने क्षेत्रों में सर्व-सुविधायुक्त पार्टी कार्यालय खोलना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, जिला प्रवक्ता अवध बिहारी पटेल ने सांगठनिक रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक की कमेटियों का गठन तेजी से किया जाएगा।
​बैठक के दौरान नव-मनोनित प्रखंड अध्यक्षों एवं नगर परिषद अध्यक्षों को उनके आधिकारिक मनोनयन पत्र सौंपे गए, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। इस दौरान पिंकी कुमारी, राजेश कुमार, धीरेंद्र वर्मा, सुरेंद्र कुमार, लक्ष्मी कुशवाहा, नीरज चंद्रवंशी, राहुल कुमार सिंह, रणविजय प्रसाद और परशुराम प्रसाद सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

​विपक्ष के समीकरणों को तोड़ने की तैयारी

​जदयू की इस बैठक को राजनीतिक गलियारों में एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। बूथ स्तर पर संगठन को अभेद्य बनाने की यह कवायद विपक्षी दलों के समीकरणों को ध्वस्त करने की तैयारी मानी जा रही है। पार्टी अब पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रही है और कार्यकर्ताओं के माध्यम से अपनी पहुंच को हर घर तक सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।