पटना। बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब केवल एक सामान्य चुनाव नहीं रह गया है। यह मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाने की विपक्ष की रणनीति और सत्ताधारी दल के संगठनात्मक प्रभाव की सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना संपन्न होगी। इस बार के चुनाव में राजनीतिक समीकरण इतने दिलचस्प हो गए हैं कि हर दल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
दिग्गजों का जमावड़ा और चुनावी समर
बांकीपुर के इस उपचुनाव ने राज्य के तमाम राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, जिसके चलते बड़े-बड़े नेता पटना में कैंप कर रहे हैं।
- भाजपा की रणनीति: भाजपा ने नितिन नवीन के उत्तराधिकारी के रूप में नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा है, ताकि अपनी पारंपरिक सीट पर पकड़ मजबूत रखी जा सके।
- विपक्ष का दांव: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने रेखा गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को त्रिकोणीय और कड़ा बना दिया है।
- प्रशांत किशोर की एंट्री: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की इस लड़ाई में मौजूदगी ने बांकीपुर के चुनावी रण को बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित बना दिया है।
Gen-Z आंदोलन और राष्ट्रीय मुद्दों का असर
मतदान से ठीक पहले हुए राष्ट्रव्यापी Gen-Z आंदोलन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने राजनीतिक विमर्श को पूरी तरह बदल दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से भुनाने में जुटा है कि छात्र और युवा शक्ति के भारी दबाव के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा।
युवा मतदाताओं के बीच बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था की कमियों और पेपर लीक जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बहस छिड़ गई है। आरजेडी ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष के लगातार दबाव और युवाओं की आवाज के कारण ही केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा है।
प्रशांत किशोर और विपक्ष का आक्रामक रुख
भले ही मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जेन-जी आंदोलन समाप्त हो गया हो, लेकिन इसका राजनीतिक असर अब भी कायम है।
- प्रशांत किशोर का बयान: प्रशांत किशोर ने इसे युवाओं के वास्तविक गुस्से और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया है। उन्होंने आंदोलनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जताना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
- आरजेडी का हमला: दूसरी ओर, राजद ने भी युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और युवाओं की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।
भाजपा की हाई-प्रोफाइल तैयारी और प्रतिष्ठा
बांकीपुर उपचुनाव की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन चुनाव प्रचार के दौरान तीसरी बार पटना पहुंचे हैं और लगातार क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं और एनडीए के पक्ष में भारी मतदान की अपील कर रहे हैं ताकि पार्टी के गढ़ को सुरक्षित रखा जा सके।


