अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. रामलक्ष्मी पैलेस में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई. इसमें सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन के निर्णय और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर सड़क से लेकर दिल्ली तक आंदोलन करेगी. उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के सांसद दिल्ली में मार्च करेंगे.

वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के तहत फॉर्म-7 के माध्यम से चंदौली जिले में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास किए गए. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है. सांसद ने कहा कि दिल्ली में सांसद महात्मा गांधी की प्रतिमा और अंबेडकर पार्क से मार्च निकालकर चुनाव आयोग तक जाएंगे और ज्ञापन सौंपेंगे. उन्होंने चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने की बात भी कही.

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वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, विदेश नीति और आर्थिक नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप और दावे हैं. उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव को लेकर कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सीटों को लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ है. राष्ट्रीय नेतृत्व इस पर फैसला करेगा. उन्होंने कहा कि जब चुनाव सिंबल पर होगा, तब गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होगी और दोनों दल एक-दूसरे के प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे.
बसपा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मायावती वरिष्ठ नेता हैं और उनके सम्मान के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें दिल्ली जाने का समय आ गया है.