पटना। बांकीपुर विधानसभा सीट पर एनडीए को मिली चौंकाने वाली हार के बाद चुनाव परिणामों के सामने आते ही सत्ताधारी गठबंधन के भीतर छिपी अंदरूनी कलह और खटपट खुलकर सतह पर आ गई है। घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने हार के लिए किसी एक को नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर हुई गंभीर चूकों को जिम्मेदार ठहराया है। नेताओं के इन बयानों से साफ है कि चुनावी रणनीति और जमीनी समन्वय में भारी खामियां थीं।

​जदयू के भीतर फूटा असंतोष

​जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपने सबसे पारंपरिक और मजबूत वोट बैंक यानी दलितों और पिछड़ों तक पहुंच बनाने में पूरी तरह नाकाम रही। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हुए पार्टी पर बाहरी नेताओं को जबरन थोपा गया, जिससे कार्यकर्ताओं में गहरी निराशा और उदासीनता फैल गई।
​वहीं, जदयू विधायक अनंत सिंह ने एक बेहद तीखा बयान देते हुए दावा किया कि जनता के मन में यह साफ संदेश गया था कि भाजपा ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया है। जनता इसी बात से सबसे ज्यादा नाराज थी और इसी गुस्से के चलते मतदाताओं ने एनडीए के खिलाफ अपना मतदान किया। जनता का मानना है कि चुनाव में असली चेहरा नीतीश कुमार का ही था।
​दूसरी ओर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और पार्टी किसी पर बेबुनियाद आरोप नहीं लगाती। उन्होंने दावा किया कि उनका मूल आधार वोट अभी भी सुरक्षित है, लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए कमियों की समीक्षा करना बेहद आवश्यक है।

​आत्ममंथन पर जोर और विपक्ष को कड़ी नसीहत

​इस पूरे सियासी घमासान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों को बांकीपुर की जीत पर ज्यादा न इतराने की सलाह दी है। उन्होंने साल 2009 के उपचुनाव का हवाला देते हुए याद दिलाया कि तब उपचुनाव हारने के बाद भी 2010 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता कभी भी मौकापरस्त और जनविरोधी ताकतों को नहीं चुनेगी।
​भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पार्टी कम वोट मिलने के कारणों की बहुत ही गंभीर और पारदर्शी समीक्षा करेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ईवीएम या चुनाव आयोग पर हार का ठीकरा फोड़ने के बजाय भाजपा आत्ममंथन करेगी और अपनी गलतियों को सुधारते हुए आगे बढ़ेगी।
​इसके साथ ही, रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी बांकीपुर के परिणाम को अचंभित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन सही दिशा तय करने के लिए हर एक पहलू पर गहनता से विचार करना और समीक्षा करना बहुत जरूरी है।