अनिल शर्मा, बराड़ा। अनुबंध विद्युत कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबंधित) का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी सब डिवीजन बराड़ा परिसर में जारी रहा। प्रदर्शन की अध्यक्षता सब डिवीजन अध्यक्ष दिनेश कांबोज ने की, जबकि मंच संचालन मनीष सांगवान द्वारा किया गया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एसडीओ बराड़ा ने यूनियन पदाधिकारियों को कार्यालय में बुलाकर धरना समाप्त न करने पर एफआईआर दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की धमकी दी।

यूनियन नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना कर्मचारियों का संवैधानिक और यूनियन अधिकार है, लेकिन विभागीय अधिकारी बातचीत करने के बजाय दबाव की राजनीति कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि बिजली विभाग में फील्ड स्टाफ की भारी कमी के कारण आम जनता और कर्मचारियों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन की मुख्य मांग है कि कार्यालयों में बैठे तकनीकी कर्मचारियों को फील्ड में भेजा जाए ताकि बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके और उपभोक्ताओं को राहत मिले।

यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केवल दो घंटे के सांकेतिक विरोध प्रदर्शन पर बैठे कर्मचारियों को ड्यूटी से अनुपस्थित दिखाना और पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की बात करना कर्मचारी हितों का दमन है। संगठन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन को टकराव की बजाय बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालना चाहिए।

कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। प्रदर्शन में जिला संगठन मंत्री अशोक कुमार, शाहजादपुर सब यूनिट अध्यक्ष कमल, जिला अध्यक्ष मनोज सैनी, जिला उपाध्यक्ष राकेश, जिला सचिव संदीप सैनी, कोषाध्यक्ष रोहित, सह-कोषाध्यक्ष प्रदीप सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।