Rajasthan News: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शिक्षा व्यवस्था और NEET Result को लेकर बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि NEET परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इससे यह पता चल सकेगा कि सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन कैसा रहा।

राज्यपाल ने यह निर्देश कोटा कृषि विश्वविद्यालय के सियाम ऑडिटोरियम में आयोजित स्वस्थ एवं शिक्षित महिला, सशक्त राष्ट्र राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान दिए।

सरकारी और निजी स्कूलों के परिणाम की होगी तुलना

राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि सरकारी विद्यालयों से कितने विद्यार्थी NEET में सफल हुए और निजी विद्यालयों के कितने विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। इसके अलावा उन्होंने उन विद्यार्थियों का भी अलग डेटा तैयार करने के निर्देश दिए, जिन्होंने स्कूल में दाखिला तो सरकारी या निजी विद्यालय में लिया, लेकिन पढ़ाई के लिए निजी कोचिंग या ट्यूशन का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का विश्लेषण शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगा।

स्कूलों के रिजल्ट पर तय होगी जवाबदेही

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि यदि सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि परिणाम बेहतर नहीं होंगे, तो जिम्मेदार लोगों को अपनी जिम्मेदारी छोड़नी पड़ेगी। उनका मानना है कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।

नकल मुक्त परीक्षा प्रणाली पर दिया जोर

कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नकल मुक्त परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश टीबी मुक्त भारत और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, उसी तरह भविष्य में “कॉपी मुक्त भारत” का सपना भी साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक से लेकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तक सभी को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभानी होगी।

शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव

राज्यपाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही मजबूत राष्ट्र का आधार है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन से शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।

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