पटना। बिहार के प्रमुख बरौनी जंक्शन पर रेल पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अंतरराज्यीय ‘सांसी गैंग’ के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग लंबी दूरी की ट्रेनों के AC कोच को अपना निशाना बनाता था।

​कोच अटेंडेंट से सेटिंग कर करते थे सफर

​पूछताछ में गिरफ्तार अपराधी राजेश ने खुलासा किया कि गैंग बिना टिकट या वैध रिजर्वेशन के ट्रेनों में चढ़ने के लिए कोच अटेंडेंट या टीटीई (TTE) को प्रति व्यक्ति 800 से 1000 रुपये का अवैध भुगतान करता था। ये अपराधी मुरादाबाद जैसे स्टेशनों से AC कोच में सवार होकर लंबी दूरी तय करते थे और सोते हुए यात्रियों का कीमती सामान चुरा लेते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ये चोरी के तुरंत बाद अपने कपड़े बदल लेते थे, ताकि हुलिया बदल सके।

​पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी

​25 जून को RPF और CIB की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध फुटओवर ब्रिज के पास छिपे हैं। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और हरियाणा निवासी रामदिया (42), राजेश (44) और अशोक कुमार (49) को रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि, गैंग के तीन अन्य साथी (जिनमें टिंकू नाम का अपराधी भी शामिल है) फरार होने में सफल रहे।

​घातक हथियारों के साथ पकड़े गए अपराधी

​तलाशी के दौरान अपराधियों के पास से धारदार चाकू, ब्लेड के टुकड़े और चोरी का सामान बरामद हुआ। यह गैंग बेहद शातिर है; यदि कोई यात्री जाग जाए या विरोध करे, तो ये चाकू से जानलेवा हमला करने से भी पीछे नहीं हटते। वर्तमान में बरौनी रेल थाना में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही, फरार साथियों की तलाश के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

​यात्रियों के लिए सावधानी

​बिहार के व्यस्त रेलवे रूटों (बरौनी, पटना, गया) पर अक्सर बाहरी गैंग्स की नजर रहती है क्योंकि यहां से वीआईपी ट्रेनें गुजरती हैं। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा के दौरान अनजान लोगों पर भरोसा न करें अपना कीमती सामान हमेशा लॉक करके रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें।