Rajasthan Chief Secretary V Srinivas: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के नए चेयरमैन को लेकर जल्द फैसला होने की संभावना है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। हालांकि, राज्य सरकार उन्हें सेवा विस्तार देने की तैयारी में है। इसके लिए पिछले महीने ही केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को आवेदन भेजा जा चुका है। अब उनके सेवा विस्तार पर जल्द मुहर लगने के आसार हैं।

31 अगस्त को रिटायर हो रहे वी. श्रीनिवास

वी. श्रीनिवास को राजस्थान का मुख्य सचिव बनाए जाने के लिए 16 नवंबर 2025 को आदेश जारी हुए थे। अब उनका कार्यकाल 31 अगस्त को पूरा होने वाला है। राज्य सरकार उनके अनुभव और मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए सेवा विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार की ओर से केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब केंद्र की मंजूरी का इंतजार है। माना जा रहा है कि इस पर जल्द फैसला हो सकता है।

RPSC के नए चेयरमैन पर भी जल्द फैसला

दूसरी ओर, राजस्थान लोक सेवा आयोग के चेयरमैन का पद जून में खाली हो गया था। तत्कालीन चेयरमैन यूआर साहू का कार्यकाल पूरा होने के बाद केसरी सिंह राठौड़ कार्यवाहक चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नए चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर भी सरकार जल्द आदेश जारी कर सकती है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इस संबंध में तस्वीर साफ हो जाएगी।

निकाय और पंचायत चुनाव से पहले बड़े बदलाव से बचना चाहती है सरकार

मुख्य सचिव के सेवा विस्तार की एक प्रमुख वजह आगामी निकाय और पंचायत चुनाव भी मानी जा रही है। सरकार चुनाव से पहले प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में बड़ा बदलाव नहीं चाहती। वी. श्रीनिवास लगातार राज्य की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पुलिस तंत्र पर नजर रख रहे हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि चुनाव के दौरान भी वही प्रशासनिक व्यवस्था जारी रहे।

सरकार का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले मुख्य सचिव बदलने से प्रशासनिक स्तर पर अचानक बदलाव हो सकता है। इससे व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहेगी। इसलिए मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

केंद्र के स्तर पर भी वी. श्रीनिवास के पक्ष में माहौल

वी. श्रीनिवास की कार्यशैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी परिचित हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले केंद्र की ओर से भी उन्हें ही मुख्य सचिव के पद पर बनाए रखने को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

पढ़ें ये खबरें