समीर शेख, बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सुविधाओं के अभाव और प्रताड़ना से परेशान सैकड़ों छात्र-छात्राओं का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। सोमवार को विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं, शिक्षकों की प्रताड़ना और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग से आक्रोशित होकर विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर पैदल ही कलेक्टर से मिलने बड़वानी की ओर निकल पड़े।
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एसडीएम-तहसीलदार के समझाने पर भी नहीं माने
विद्यार्थियों के पैदल निकलने की खबर मिलते ही सेंधवा एसडीएम आशीष, एसडीओपी अजय वाघमारे और सहायक आयुक्त रंजना सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को काफी समझाने और मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र नहीं माने और अपना मार्च जारी रखा।
कलेक्टर जयति सिंह से मुलाकात
करीब 20 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद विद्यार्थियों को जुलवानिया के शासकीय स्कूल परिसर में रोका गया। वहां पहुंची कलेक्टर जयति सिंह ने छात्रों से बिंदुवार चर्चा की और उनकी सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना।
छात्रों की मुख्य मांगें और प्रशासन का एक्शन
छात्रों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए गंभीर आरोप लगाए:
प्राचार्य और शिक्षक को हटाने की मांग: विद्यार्थियों की प्रमुख मांग है कि विद्यालय के प्राचार्य अजीत सिंह को तत्काल हटाया जाए तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने वाले शिक्षक पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें स्कूल से निकाला जाए।
पालकों को सम्मान देने की बात: छात्रों ने शिकायत की कि पेरेंट्स मीटिंग (PTM) में आने वाले अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए।
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जांच कमेटी का गठन
कलेक्टर जयति सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, प्राचार्य अजीत सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है।
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