जगदलपुर। सावन के अंतिम दौर में प्याज की बढ़ती कीमत ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जगदलपुर के संजय बाजार में करीब दस दिन पहले 25 से 30 रुपए किलो बिकने वाला प्याज अब 60 रुपए तक पहुंच गया है। थोक बाजार में भी प्याज का भाव 50 से 52 रुपए किलो के आसपास है। कारोबारियों के मुताबिक बाजार में प्याज की आवक लगातार कमजोर हुई है। पहले रोजाना 6 से 7 ट्रक प्याज पहुंचता था, जो अब घटकर 3 से 4 ट्रक रह गया है। दक्षिण भारत में ओणम सहित त्योहारी मांग बढ़ने से अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की मांग भी बढ़ी है। बारिश के कारण फल और सब्जियों की आवक प्रभावित होने से दूसरी सब्जियों के दाम भी बढ़े हैं। हालांकि लहसुन के भाव में फिलहाल कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है और यह करीब 250 रुपए किलो बिक रहा है। सरकारी बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कांदा एक्सप्रेस जैसे कदमों से राहत की उम्मीद है। नई फसल की आवक तक उपभोक्ताओं को पुराने स्टॉक और सरकारी आपूर्ति पर ही राहत की उम्मीद रहेगी।
टीबी के खिलाफ घर-घर दस्तक, दरभा बनेगा क्षय सुरक्षित ब्लॉक
बस्तर। वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर बस्तर में मैदानी अभियान तेज किया जा रहा है। दरभा विकासखंड को क्षय सुरक्षित विकासखंड बनाने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी। करीब 70 हजार की आबादी वाले इस ब्लॉक की लगभग 12 पंचायतें पहले ही टीबी मुक्त हो चुकी हैं। अब अभियान का फोकस पूरे विकासखंड में शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पर रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर परिवार के हर सदस्य की लक्षण आधारित जांच करेंगी। खांसी और बुखार जैसे लक्षण मिलने पर संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, कम वजन वाले और मधुमेह से पीड़ित लोगों पर विशेष निगरानी रहेगी। इन उच्च जोखिम वाले लोगों की सूची तैयार कर हर तीन माह में स्क्रीनिंग दोहराई जाएगी। मितानिन, एएनएम, स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट और माय भारत स्वयंसेवक भी अभियान से जुड़ेंगे। कलेक्टर की निगरानी में विकासखंडवार लक्ष्य तय कर अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी।

हादसों वाले रास्तों पर अब सुरक्षा कवच, ब्लैक स्पॉट होंगे हाई अलर्ट
जगदलपुर। बस्तर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सांसद सड़क सुरक्षा समिति ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की रणनीति तैयार की है। सांसद महेश कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव से शहर तक सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। ग्रामीण इलाकों में कोटवारों के जरिए मुनादी कर हेलमेट, लाइसेंस और बीमा की जानकारी दी जाएगी। स्कूल और कॉलेजों में भी नियमित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नाबालिगों को वाहन नहीं देने के लिए अभिभावकों को भी समझाइश दी जाएगी। आमागुड़ा चौक, पुराना पुल-आसना मार्ग, गीदम रोड और पण्डरीपानी जैसे ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा बढ़ेगी। इन स्थानों पर रंबल स्ट्रिप्स, कैट्स आई और रेडियम संकेतक लगाने की तैयारी है। झाड़ियों की कटाई के साथ दुर्घटना संभावित डार्क पैच में स्ट्रीट और सोलर लाइट लगाई जाएगी। मारेंगा बाईपास और आड़ावाल मोड़ पर भारी वाहनों के लिए दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। त्योहारी सीजन में पार्किंग और रूट डायवर्जन के साथ शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
50 सीट का कन्या आश्रम खाली, छात्राओं की पढ़ाई पर उठे सवाल
सुकमा। छिंदगढ़ ब्लॉक के गुडरा में संचालित 50 सीटर नवीन कन्या आश्रम गंजेनार नए सत्र में भी छात्राओं से खाली है। विभाग का कहना है कि भवन में मरम्मत चल रही है, इसलिए छात्राओं को घर भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक छात्राएं अपने गांव के स्कूलों में पढ़ाई कर रही हैं। लेकिन पालकों का दावा है कि कई छात्राएं गांव के स्कूल भी नहीं जा रही हैं। इसी विरोधाभास ने छात्राओं की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पंचायत सदस्य और शिक्षा समिति अध्यक्ष महेश कुंजाम ने समर्थकों के साथ आश्रम के सामने धरना दिया। उनका आरोप है कि आश्रम की उपस्थिति और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड भी स्पष्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक एक दिन पहले गंदगी से भरे परिसर में धरने से पहले अचानक सफाई करा दी गई। अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे, लेकिन छात्राओं की पढ़ाई स्पष्ट होने तक वे मांग पर अड़े रहे। अब मांग है कि मरम्मत जल्द पूरी कर आश्रम शुरू किया जाए और छात्राओं की पढ़ाई की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
भैरमगढ़ के आदिवासी विद्यार्थियों ने NEET में रचा सफलता का अध्याय
बीजापुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भैरमगढ़ के विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है।
विद्यालय के ज्ञानेश्वर, कशिश नेताम और पूर्वी वाचम ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता हासिल की है। जनजातीय क्षेत्र के इन विद्यार्थियों की उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। विद्यार्थियों ने नियमित अध्ययन, मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी सफलता की अहम वजह बताया। उनकी उपलब्धि से विद्यालय में खुशी का माहौल है और शिक्षकों व अभिभावकों ने बधाई दी है। एकलव्य विद्यालयों में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। ज्ञानेश्वर, कशिश और पूर्वी की सफलता अब विद्यालय के दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। यह परिणाम दिखाता है कि सीमित संसाधनों वाले दूरस्थ क्षेत्रों से भी विद्यार्थी बड़ी प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ सकते हैं। मेहनत, सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादों के साथ इन विद्यार्थियों ने बस्तर संभाग की प्रतिभा को नई पहचान दी है।
दरभा घाटी में सफर होगा आसान, NH-30 चौड़ीकरण का रास्ता साफ
जगदलपुर। बस्तर से सुकमा और कोंटा को जोड़ने वाले NH-30 के दरभा घाटी हिस्से को लेकर लंबे इंतजार के बाद उम्मीद जगी है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के संवेदनशील क्षेत्र के कारण इस हिस्से का चौड़ीकरण लंबे समय से अटका हुआ था। करीब 6.010 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण को लेकर सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। परियोजना के लिए 8.386 हेक्टेयर वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। क्षतिपूरक और अतिरिक्त वनीकरण की आवश्यक राशि भी जमा कराई जा चुकी है। पहले चरण की सशर्त स्वीकृति के बाद अब दूसरे चरण की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही सड़क निर्माण और ब्लैक टॉपिंग का काम तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। सड़क चौड़ी होने से संकरे मोड़ों और दुर्घटना संभावित हिस्सों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। जगदलपुर से सुकमा-कोंटा के बीच संपर्क बेहतर होने से व्यापार, पर्यटन और ग्रामीण आवागमन को भी फायदा मिलेगा। परियोजना में पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण बनाए रखते हुए सड़क विकास को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
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