Bastar News Update: जगदलपुर। नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ लेने वाले अपात्र हितग्राहियों पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों लोग सामने आए, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं और कई के नाम पर कृषि भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद वे वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे।

खाद्य विभाग ने 48 वार्डों में अभियान चलाकर 800 से ज्यादा नाम बीपीएल सूची से हटाए हैं। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों के बाहर अपात्र हितग्राहियों की सूची भी चस्पा की गई है।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन लंबे समय से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों की मदद से राशन कार्ड बनवाने की बात भी सामने आई है। अब विभाग पात्र हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन कर रहा है।

बस्तर में बदहाल पड़े बीज प्रक्रिया केन्द्र, किसानों को नहीं मिल रहा लाभ

बस्तर। किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए बीज प्रक्रिया केन्द्र अब बदहाली का शिकार हो चुके हैं। जगदलपुर ब्लॉक के तुरेनार और तोकापाल क्षेत्र के टाहकापाल में स्थापित केन्द्र वर्षों से बंद पड़े हैं।

करीब डेढ़ दशक पहले लाखों रुपए खर्च कर भवन और मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन संचालन समिति नहीं बनने के कारण योजना शुरू होने से पहले ही ठप हो गई। अब केन्द्रों में लगी मशीनें जंग खाकर कबाड़ में बदल रही हैं।

किसानों को उम्मीद थी कि स्थानीय स्तर पर प्रमाणित धान बीज मिल सकेगा, लेकिन अब उन्हें बीज के लिए कोकामुंडा बीज विकास निगम पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खरीफ सीजन में किसान लंबी दूरी तय कर बीज खरीदने पहुंच रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमाणित बीज से बेहतर पैदावार और अच्छा अंकुरण मिलता है। चार साल पहले केन्द्रों को दोबारा शुरू करने की कोशिश हुई थी, लेकिन पहल अधूरी रह गई। अब ग्रामीणों और किसानों ने बंद पड़े केन्द्रों को फिर से शुरू करने की मांग उठाई है।

तेंदूपत्ता खरीदी प्रभावित होने से दंतेवाड़ा के ग्रामीण परेशान

दंतेवाड़ा। गीदम विकासखंड के कई गांवों में इस साल तेंदूपत्ता खरीदी प्रभावित होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। तुमरीगुंडा और कौरगांव में खरीदी शुरू ही नहीं हो सकी, जबकि चेरपाल में कुछ दिनों बाद ही खरीदी बंद कर दी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी मात्रा में संग्रहित तेंदूपत्ता अब घरों में पड़ा हुआ है। अंदरूनी क्षेत्रों में तेंदूपत्ता ग्रामीण परिवारों की प्रमुख आय का साधन माना जाता है और हर साल हजारों परिवार जंगलों से पत्ता संग्रह कर अपनी जरूरतें पूरी करते हैं।

इस बार खरीदी व्यवस्था समय पर नहीं होने से कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मेहनत से जुटाया गया तेंदूपत्ता अब खराब होने की स्थिति में पहुंच रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर समन्वय नहीं होने से संग्रहकर्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब प्रभावित गांवों में शासन से आर्थिक सहायता देने की मांग भी तेज हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल आधारित आजीविका को बचाने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।

लगातार बिजली कटौती के बाद इन्वर्टर और सोलर पैनल की बढ़ी मांग

जगदलपुर। शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मेंटेनेंस और उपकरण बदलने के दावों के बावजूद बिजली व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा। हल्की बारिश और तेज हवा में भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली संकट के चलते अब बड़ी संख्या में लोग इन्वर्टर और सोलर पैनल जैसे बैकअप विकल्प अपना रहे हैं। शहर की इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में इन दिनों इन्वर्टर की बिक्री तेजी से बढ़ी है।

लोगों को आशंका है कि मानसून शुरू होने के बाद स्थिति और खराब हो सकती है। हर साल बारिश से पहले बिजली लाइनों का मेंटेनेंस किया जाता था, लेकिन इस बार तैयारियां अधूरी बताई जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में कई जगह पेड़ों की डालियां अब भी बिजली तारों से सटी हुई हैं।

उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले बारिश के दौरान भी बिजली व्यवस्था इतनी प्रभावित नहीं होती थी, लेकिन अब सामान्य दिनों में भी अचानक कटौती आम हो गई है। लगातार संकट के कारण लोगों का भरोसा बिजली विभाग पर कम होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में बैकअप व्यवस्था अब सुविधा नहीं, बल्कि मजबूरी बनती जा रही है।

जगदलपुर में जल्द शुरू होगा नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्वीमिंग पूल, नगर निगम खुद करेगा संचालन

जगदलपुर। लंबे इंतजार के बाद शहरवासियों को जल्द ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस तरणताल की सुविधा मिलने वाली है। दो बार निविदा जारी होने के बावजूद कोई एजेंसी संचालन के लिए आगे नहीं आई, जिसके बाद नगर निगम ने स्वयं स्वीमिंग पूल संचालन का फैसला लिया है।

महापौर संजय पांडेय ने अधिकारियों के साथ तरणताल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान साफ-सफाई, चेंजिंग रूम और बैठने की व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत व्यवस्था और साउंड सिस्टम को भी जल्द दुरुस्त करने को कहा गया है।

नगर निगम का दावा है कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर स्वीमिंग पूल जल्द शुरू कर दिया जाएगा। गर्मी के मौसम में युवाओं और बच्चों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

शहर में लंबे समय से आधुनिक मनोरंजन सुविधाओं की मांग उठती रही है। अब नागरिकों को स्थानीय स्तर पर स्वीमिंग जैसी सुविधा मिल सकेगी। महापौर ने कहा कि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। नगर निगम का यह कदम शहर में सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

बैलाडीला के बुधवार बाजार में बढ़ी ट्रैफिक की समस्या

बैलाडीला। नगर के पारंपरिक बुधवार बाजार में ट्रैफिक व्यवस्था बड़ी चुनौती बनती जा रही है। एनएमडीसी बैलोअप प्लांट का अवकाश दिवस बदलने के बाद अब बाजार के दिन भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहती है, जिससे जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सब्जियां, अनाज और अन्य सामान बेचने बाजार पहुंचते हैं। सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगने से मुख्य मार्ग संकरा हो जाता है। ऐसे में ट्रकों की आवाजाही से खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने फिर से बुधवार को अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इससे बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकता है।

लगातार शिकायतों के बाद नगर पालिका ने सड़क किनारे दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई शुरू की है। थोक व्यापारियों को एक से अधिक दुकानें नहीं लगाने की चेतावनी दी गई है। साथ ही ग्रामीण विक्रेताओं को बाजार शेड के भीतर दुकान लगाने की समझाइश भी दी गई है।

फिलहाल वैकल्पिक मार्ग नहीं होने की वजह से बाजार और भारी वाहनों का दबाव एक साथ सड़कों पर दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

नारायणपुर के युवक ने तय किया देश का सबसे कठिन बाइक रूट

नारायणपुर। सीमित संसाधनों के बावजूद नारायणपुर के युवा राज श्रीवास ने देश के सबसे कठिन बाइक रूट पर सफर तय कर नई मिसाल पेश की है। उनकी यह रोमांचक यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दिल्ली, पंजाब, श्रीनगर, कारगिल और लेह तक पहुंची।

इस दौरान राज श्रीवास ने जोजि ला, खारटुंग ला और दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल पास उमलिंग ला जैसे खतरनाक दर्रों को पार किया। करीब 19 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन और कड़ाके की ठंड के बीच भी उन्होंने अपना सफर जारी रखा।

राज श्रीवास ने कहा कि यह सिर्फ बाइक यात्रा नहीं थी, बल्कि सपनों को पूरा करने का संघर्ष था। उन्होंने बताया कि सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से पीछे हटने से इनकार कर दिया।

उनकी इस उपलब्धि की सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय युवाओं के लिए यह यात्रा अब प्रेरणा की कहानी बन गई है। राज इससे पहले भी कई राज्यों की लंबी बाइक यात्राएं कर चुके हैं और इंडिया बाइक वीक जैसे बड़े आयोजनों में हिस्सा ले चुके हैं।

यात्रा के दौरान कई स्थानीय संगठनों और बाइकर्स क्लबों ने उनका सहयोग किया। राज का कहना है कि उमलिंग ला पहुंचने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे पूरा अबूझमाड़ उनके साथ खड़ा हो।

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