सुमन शर्मा/कटिहार। जिले में स्थित सहायक थाना क्षेत्र का महिपाल नगर मोहल्ला उस वक्त गोलियों की गूंज से दहल उठा, जब अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग से पूरा इलाका दहशत में आ गया। एक के बाद एक करीब एक दर्जन गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों के भीतर दुबक गए। इस घटना ने पूरे मोहल्ले में सनसनी फैला दी है और लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
खिड़कियां टूटीं और कारों में आई दरारें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलियां इतनी तेज और अचानक आईं कि किसी को कुछ समझ नहीं आया। फायरिंग की चपेट में आने से कई घरों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। कुछ खड़ी कारों के शीशों में भी दरारें आ गईं, जबकि मोहल्ले की कई दीवारों पर गोलियों के गहरे निशान साफ देखे जा सकते हैं। गनीमत रही कि उस समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति को गोली नहीं लगी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। दहशत के मारे घंटों तक लोग अपने घरों के दरवाजे बंद किए रहे।
फायरिंग रेंज की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
महिपाल नगर इलाका बीएमपी-7 के फायरिंग रेंज के बेहद करीब स्थित है। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि फायरिंग अभ्यास (फायरिंग प्रैक्टिस) के दौरान हुई चूक के कारण गोलियां अपने लक्ष्य से भटककर सीधे रिहायशी आबादी के बीच जा गिरीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने रेंज से ऐसी आवाजें सुनी हैं, लेकिन इस बार का अनुभव बेहद खौफनाक था। नाराज नागरिकों ने प्रशासन से फायरिंग रेंज के संचालन में सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच करने की मांग की है।
एसपी शिखर चौधरी ने लिया संज्ञान, जांच कमेटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी शिखर चौधरी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने टूटे हुए शीशों और दीवारों पर पड़े निशानों का बारीकी से निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने एसपी को कुछ संदिग्ध वस्तुएं (गोली के खोखे) भी सौंपी। एसपी ने पूरे मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए सदर डीएसपी और बीएमपी डीएसपी के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है।
पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि सुरक्षा घेरे को पार कर गोलियां रिहायशी इलाके में कैसे पहुंचीं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, लेकिन निवासियों के मन से डर का साया अभी पूरी तरह नहीं हटा है। लोग अब भी सुरक्षित माहौल और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

