Bastar News Update : कोण्डागांव. बड़े राजपुर में सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए पहुंची 38 वर्षीय महिला की अचानक मौत से परिवार में मातम है. महिला अपने पति के साथ उपचार कराने पहुंची थी. जानकारी के मुताबिक उसे इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई. कुछ समय बाद महिला की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने उपचार की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि महिला का इलाज डॉक्टर के बजाय लैब टेक्नीशियन द्वारा किया जा रहा था. परिजनों ने इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही है. हालांकि महिला की मौत की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है. विश्रामपुरी पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. उपचार में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और मेडिकल प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की व्यवस्था और योग्य चिकित्सकीय निगरानी को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं. जांच के निष्कर्ष से ही तय होगा कि महिला की मौत की वजह क्या थी और उपचार प्रक्रिया में कोई चूक हुई या नहीं.

जगदलपुर-रायपुर हवाई सेवा पर संकट

जगदलपुर. जगदलपुर-रायपुर हवाई सेवा में यात्रियों की कमी अब इसके संचालन के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है. 72 सीटों वाले विमान में औसतन करीब 8 यात्री सफर करने की जानकारी सामने आई है. इसका मतलब विमान की कुल क्षमता का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा ही भर पा रहा है. जानकारी के मुताबिक एक राउंड ट्रिप के संचालन में करीब 5 से 6 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं. इसके मुकाबले यात्रियों से मिलने वाली आय बेहद कम बताई जा रही है. मासिक अनुमान के आधार पर 24 उड़ानों में करीब 6.34 लाख रुपये किराया आय का आंकड़ा सामने आता है. वहीं इसी अवधि का परिचालन खर्च करीब 46.80 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. यानी यात्रियों की मौजूदा संख्या के साथ सेवा को आर्थिक रूप से चलाना मुश्किल हो रहा है. मार्च 2026 में यात्रियों की मांग पर यह सेवा दोबारा शुरू की गई थी. उम्मीद थी कि बस्तर और राजधानी के बीच हवाई कनेक्टिविटी को इसका लाभ मिलेगा. लेकिन लक्जरी बसों और बेहतर सड़क संपर्क के बीच हवाई सेवा को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं. अब इस रूट को बचाए रखने के लिए यात्री संख्या बढ़ाना और संचालन को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना सबसे बड़ी चुनौती है.

मलेरिया से मासूम की मौत ने इलाज की पूरी कड़ी पर खड़े किए सवाल

सुकमा. कोंटा ब्लॉक में मलेरिया से पांचवीं कक्षा की छात्रा की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. बंडा पंचायत के कन्हाईगुड़ा गांव की बच्ची डीएवी स्कूल कोंटा में पढ़ती थी. परिजनों के मुताबिक 16 अगस्त से उसे तेज बुखार था और 17 अगस्त को सीएचसी कोंटा में भर्ती कराया गया. इलाज के बावजूद हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल सुकमा रेफर किया गया. कोंटा बीएमओ के मुताबिक जांच में हीमोग्लोबिन करीब 5 ग्राम मिला था और तत्काल रक्त चढ़ाने की जरूरत थी. एंबुलेंस से सुकमा ले जाते समय केरलापाल के पास बच्ची ने दम तोड़ दिया. जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार का आरोप है कि समय पर बेहतर उपचार और रेफरल मिलने में देरी हुई. परिजनों ने ओपीडी पर्ची, रेफरल स्लिप और उपचार संबंधी दस्तावेज नहीं लौटाए जाने का भी आरोप लगाया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर थी और इसी वजह से उसे रेफर किया गया था. मामले में निष्पक्ष जांच की मांग के साथ जिला पंचायत सदस्य ने परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. अब सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि दूरस्थ इलाकों में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार और रेफरल सुविधा देने की व्यवस्था का है.

राशन कार्डों की सफाई के बीच हजारों परिवारों के सामने लाभ बचाने की चुनौती

जगदलपुर. बस्तर जिले में राशन कार्डों के नवीनीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया ने बड़ी संख्या में हितग्राहियों का ध्यान खींचा है. जिले में करीब 2 लाख 6 हजार राशन कार्ड के जरिए 7 लाख 90 हजार से ज्यादा लोगों को राशन मिलता है. खाद्य विभाग ने अब तक करीब 1350 राशन कार्ड निरस्त किए हैं. इनमें मृत्यु, पलायन, दूसरे स्थान से राशन लेने और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं. करीब 5 हजार कार्डधारक अभी नवीनीकरण नहीं करा पाए हैं. इनमें लगभग 3 हजार एपीएल और 1 हजार बीपीएल कार्ड शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा 60 हजार से ज्यादा हितग्राहियों की ई-केवाईसी भी बाकी है. सरकार ने छूटे हुए हितग्राहियों को राहत देते हुए नवीनीकरण की अंतिम तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाई है. लाभार्थी संबंधित राशन दुकान या निर्धारित केंद्र पर प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं. जिले में अंत्योदय, प्राथमिकता, निःशक्त, निराश्रित और सामान्य श्रेणी के राशन कार्ड संचालित हैं. प्रशासन का मकसद अपात्र या निष्क्रिय कार्ड हटाकर वास्तविक हितग्राहियों तक राशन पहुंचाना है. लेकिन जिन परिवारों का नवीनीकरण या ई-केवाईसी बाकी है, उनके लिए अब अंतिम तारीख से पहले प्रक्रिया पूरी करना जरूरी हो गया है.

पारिवारिक विवाद का खौफनाक अंत, अदालत ने सुनाई उम्रकैद

जगदलपुर. परपा थाना क्षेत्र के बड़े बोदड़ गांव में पारिवारिक विवाद ने एक महिला की जान ले ली थी. मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय बस्तर ने आरोपी नीलू मंडावी को दोषी ठहराया है. अदालत ने हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है. हत्या के प्रयास के दोनों मामलों में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और 100-100 रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई. घटना के दौरान आरोपी की भाभी जयमनी मंडावी और बड़ा भाई बोंडूक मंडावी मौजूद थे. अभियोजन के अनुसार आरोपी लोहे की रॉड और हथौड़ा लेकर वहां पहुंचा था. विवाद के दौरान उसने दोनों पर हमला कर दिया था. गंभीर चोट लगने के बाद जयमनी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी. वहीं बोंडूक मंडावी भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था. करीब डेढ़ वर्ष चले न्यायिक परीक्षण में गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाया गया. अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया. फैसले ने यह संदेश भी दिया है कि पारिवारिक विवाद हिंसा में बदलने पर कानून सख्त कार्रवाई करेगा.

जहां स्कूल और आंगनबाड़ी ही सवालों के घेरे में, वहां बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा

नारायणपुर. छोटेडोंगर जिला पंचायत क्षेत्र के रायनार में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी स्थिति ने सुविधाओं पर सवाल खड़े किए हैं. जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने क्षेत्र के कई शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया. उन्होंने उच्च प्राथमिक शाला नुलवट्टी, प्राथमिक शाला झोरी, रायनार और आंगनबाड़ी झोरी का जायजा लिया. नुलवट्टी स्कूल में प्राथमिक स्तर के बच्चे भी अध्ययन करते मिले. वहीं झोरी की आंगनबाड़ी उचित भवन के अभाव में झोपड़ीनुमा स्थान पर संचालित मिली. ऐसे माहौल में बच्चों की सुरक्षा, पोषण और पढ़ाई को लेकर चिंता जताई गई है. जिला पंचायत सदस्य ने स्कूल और आंगनबाड़ी को ग्रामीण बच्चों के भविष्य की नींव बताया. उन्होंने सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की. रायनार क्षेत्र के विकास को लेकर डीएमएफ और सीएसआर मद के उपयोग पर भी सवाल उठाए गए. उनका कहना है कि निको माइंस के गोद ग्रामों में शामिल क्षेत्र को इन मदों से अपेक्षित सुविधाएं मिलनी चाहिए. स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, सड़क और दूसरी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की गई है. समस्याओं का समाधान नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

आश्रम-छात्रावासों में मलेरिया से बचाव अब प्रशासन की प्राथमिकता

कोण्डागांव. जिले में आश्रम और छात्रावासों में रहने वाले बच्चों को मलेरिया से बचाने के लिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई है. समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए. मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया है. जलजमाव वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी को भी जरूरी बताया है. बैठक में एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई. बालिकाओं के अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया. दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने पर समय पर जांच और उपचार जरूरी है. अधिकारियों को छात्रावासों में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का फोकस बीमारी के इलाज से ज्यादा उसकी रोकथाम की व्यवस्था मजबूत करने पर है. अब इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर होता है, यह छात्रावासों की नियमित निगरानी से तय होगा.

छात्रावासों में मच्छरों पर वार, बच्चों की सेहत को लेकर प्रशासन अलर्ट

बीजापुर. बीजापुर के प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास में मच्छरजनित बीमारियों से बचाव को लेकर प्रशासन ने जरूरी निर्देश दिए हैं. निरीक्षण के दौरान पानी के जमाव वाले स्थानों को खत्म करने पर विशेष जोर दिया गया. छात्रावास परिसर, नालियों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं. जलजमाव की वजह से मच्छरों के पनपने की संभावना को देखते हुए लगातार निगरानी की बात कही गई. अधिकारियों ने डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बच्चों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया. विद्यार्थियों को नियमित रूप से मच्छरदानी का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया. किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने के निर्देश दिए गए. छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण को प्राथमिकता बताया गया. निरीक्षण के दौरान भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति भी देखी गई. संबंधित कर्मचारियों को बच्चों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए. बारिश के मौसम में जलजमाव और मच्छरों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए सावधानी और जरूरी हो गई है. प्रशासन की कोशिश अब यही है कि बीमारी फैलने के बाद उपचार के बजाय पहले से रोकथाम की व्यवस्था मजबूत रहे.

शादी के वादे से जेल तक पहुंचा मामला, आरोपी गिरफ्तार

कोण्डागांव. कोण्डागांव क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार आरोपी कार्तिक मंडल पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं. पीड़िता ने 19 अगस्त को अनंतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उसने ग्राम सिलाटी निवासी कार्तिक मंडल पर शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाने का आरोप लगाया. पीड़िता के मुताबिक बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस टीम ने ग्राम सिलाटी में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया. पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी. इसके बाद 20 अगस्त को उसे न्यायालय कोण्डागांव के समक्ष पेश किया गया. अदालत के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया. मामले में पुलिस की कार्रवाई शिकायत और जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है. अब प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्य स्पष्ट होंगे.  

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