भिलाईनगर। भिलाई-दुर्ग के हर चौक पर यातायात व्यवस्था का बुरा हाल है, लेकिन शहर के प्रमुख चौक चन्द्रा- मौर्या में तो यातायात भगवान भरोसे ही है। इसका कारण ये है कि यहां का ट्रैफिक सिग्नल पूरी तरह से बंद पड़ा है। यातायात बेलगाम होने से यहां रोज वाहन भिड़ रहे है। यहां हर पल बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है।
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शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक चन्द्रा- मौर्या चौक पर यातायात का भारी दबाव रहता है। पिछले कुछ दिनों से सिग्नल खराब हो गया है। सिग्नल खराब रहने के बावजूद इसकी सुध किसी भी अधिकारी ने नहीं ली है। वर्तमान में स्थिति ऐसी है कि रोजाना चौराहे पर सैकड़ों बार वाहन गुजर रहे है।

एक ही बार में चारों ओर से वाहन चौराहे की ओर बढ़ते है । इसलिए स्थिति खतरनाक हो गई है। शाम को स्थिति और खतरनाक हो जाती है। समय रहते सिग्नल नहीं सुधारा गया तो आने वाले दिनों में हादसों का कारण बन सकती है। बता दें कि चन्द्रा- मौर्या चौक से सेक्टर एरिया, रामनगर और सुपेला की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक होती है । दिनभर भारी दबाव होने के कारण यहां यातायात जवान की तैनाती नहीं है।
रोजाना गुजरते हैं भारी वाहन
चन्द्रा- मौर्या चौक पर भारी वाहन यहीं से होकर आते-जाते हैं। इसके अलावा दिनभर तेज गति से दौड़ने वाली बसों का भी आना-जाना लगा रहता है। इस वजह से चौक में आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में चौक से गुजरते समय लोगों के मन में डर बना रहता है।
सुपेला चौक पर भी हर पल खतरा
शहर के प्रमुख चौक सुपेला चौक में हर पल खतरा मंडराता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पर ट्रैफिक जवान रहने के बावजूद चारों तरफ से गुजरने वाले वाहन बड़े ही खतरनाक तरीके से वहां से पार होते हैं। इसी के चलते चौक पर रोजाना हादसे की आशंका बनी रहती है। सुपेला चौक सबसे ज्यादा डेंजर जोन हैं। ट्रैफिक पुलिस केवल चालानी कार्रवाई करने में मस्त है।
सीएसवीटीयू से जुड़े दो नए फार्मेसी कॉलेज, छह संस्थानों में शून्य प्रवेश
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संबद्ध फार्मेसी संस्थानों की सूची जारी की है। सूची में कुल 99 संस्थानों का उल्लेख है। इसमें जहां फार्मेसी शिक्षा के विस्तार के संकेत के रूप में दो नए संस्थानों को शामिल किया गया है, वहीं दूसरी ओर कई संस्थानों में प्रवेश क्षमता शून्य रखी गई है. कुछ कॉलेजों को क्रमिक अथवा पूर्ण बंदी की श्रेणी में रखा गया है।
सूची के अनुसार, 84 संस्थान संबद्ध फार्मेसी संस्थानों की मुख्य सूची में हैं। इसके अलावा सूर्या फार्मेसी कॉलेज जगदलपुर और श्री ऋषभ इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, जांजगीर-चांपा को 2026-27 के लिए नए संस्थानों के रूप में दर्ज किया गया है।
सूची का सबसे अहम हिस्सा जीरो इनटेक कैपेसिटी है। इसमें छह संस्थानों को रखा गया है। इनमें गुरूकुल कॉलेज ऑफ फार्मेसी अंबिकापुर, केशरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी जांजगीर-चांपा, ऋषिकेश कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट बस्तर, नुपूर कॉलेज ऑफ फार्मेसी रायपुर और मां मंगला कॉलेज ऑफ फार्मेसी रायगढ़ आदि शामिल हैं। इन संस्थानों के लिए 2026-27 सत्र में प्रवेश क्षमता शून्य दर्ज की गई है।
वहीं तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई की सूची में प्रोग्रेसिव / कम्प्लीट क्लोजर (जीरो इनटेक) की अलग श्रेणी भी बनाई गई है। इसमें सात संस्थानों को शामिल किया गया है। कुछ संस्थानों के सामने प्रथम वर्ष, जबकि कुछ के सामने द्वितीय वर्ष की टिप्पणी दर्ज है।
पुलिस ने 800 लोहे के कड़े उतरवाए
भिलाईनगर। 2 अक्टूबर को मंडी संघ ने गणेश उत्सव के अवसर पर पूनम के चंदा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में धमधा सहित आसपास के क्षेत्रों एवं अन्य जिलों से लगभग 5 से 6 हजार दर्शक उपस्थित हुए थे। कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संज्ञेय अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से पुलिस ने प्रारंभ से ही सुरक्षा व्यवस्था एवं निगरानी सुनिश्चित की।
कार्यक्रम में आने वाले युवाओं की आवश्यक चेकिंग के दौरान अलग-अलग प्रकार के लगभग 800 लोहे के कड़े उतरवाकर सुरक्षित रखवाए गए, ताकि कार्यक्रम स्थल पर विवाद, मारपीट अथवा अन्य अप्रिय स्थिति की संभावना को कम किया जा सके।
कबाड़ हो रहीं नया बस स्टैंड में बनीं दुकानें
राजनांदगांव। शहर के पुराने और नए दोनों बस स्टैंड इन दिनों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बसों से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं, लेकिन यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं के मामले में बस स्टैंडों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। यात्रियों को पीने के पानी, साफ-सफाई और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को दुकानों से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या शौचालय की सुविधा को लेकर सामने आ रही है।
यात्रियों का कहना है कि, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर महिला, बुजुर्ग और बच्चों के लिए साफ एवं उपयोगी शौचालय की व्यवस्था जरूरी है। बारिश के बाद बस स्टैंड परिसर और आसपास के हिस्सों में गंदगी एवं कीचड़ की समस्या बढ़ जाती है। कई जगह पानी जमा होने से यात्रियों को आवाजाही में परेशानी होती है। बसों के आने-जाने के दौरान धूल और गंदगी उड़ने से भी यात्री परेशान रहते हैं।
शहर के पुराने बस स्टैंड के कायाकल्प और व्यावसायिक विकास की योजना लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पाई है। पुराने बस स्टैंड में नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण और मौजूदा व्यवसायियों को व्यवस्थित दुकानें उपलब्ध कराने की योजना वर्षों पहले बनाई गई थी, लेकिन अब तक इसका निर्माण धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
वर्ष 2021 में नगर निगम की बैठक में पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के साथ नवीन व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने तथा वहां कारोबार कर रहे व्यवसायियों को दुकानें आवंटित करने की बात कही गई थी। यात्रियों ने संबंधित विभाग और नगर निगम से दोनों बस स्टैंडों की सुविधाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, हाईटेक बस स्टैंड करीब पांच करोड़ की लागत से बनाया गया था। वर्तमान में प्रतीक्षा बस स्टैंड का बुरा हाल है। टिकट काउंटर से लेकर यात्री प्रतीक्षलय में यहां गंदगी पसरी रहती है। पेजयल और शौचालय भी नही है। यहां नगरनिगम द्वारा लाखों की लागत से दुकानें भी बनाई गई है। जिसमें मोती तालाब के पास दर्जन दुकान कबाड़ हो रही है। दुकानों में अवैध कब्जा बने हुए है। वहीं सफाई के अभाव में चारो तरफ कचरा फैला रहता है। रात होते ही यहां आसमाजिक तत्वों को ढेरा रहता है।
6 राज्यों में 91 लाख की साइबर ठगी में शामिल म्यूल अकाउंट धारक आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव। छह राज्यों में 91 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट धारक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
कोतवाली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम धनीराम सिन्हा पिता हीराराम सिन्हा उम्र 43 साल निवासी ग्राम जामरी पोस्ट जटकन्हार थाना डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव बताया जाता है। प्रकरण में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन देन, व्ययन एवं संवर्धन के लिए किया जा रहा था ।
जांच के दौरान यह पाया गया कि आईसीआईसीआई बैंक खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से अर्जित अवैध धनराशि 91 लाख 85 हजार रूपये को प्राप्त करने एवं आगे हस्तांतरित करने के लिए किया गया। बैंक खाता धारकों एवं सहयोगियों द्वारा यह जानते हुए भी कि उक्त राशि धोखाधड़ी एवं बेईमानी से प्राप्त की गई है, उसे प्राप्त एवं उपयोग किया जा रहा था।
उक्त तथ्यों के आधार पर आरोपियों के विरूद्ध थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 611/26 धारा 317 (4), 317 (5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान आज 3 अक्टूबर को आरोपी धनीराम सिन्हा पिता हीराराम सिन्हा उम्र 43 साल निवासी ग्राम जामरी पोस्ट जटकन्हार थाना डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव को तलब कर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किया गया। मामलें में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। प्रकरण में अन्य आरोपियों तलाश की जा रही है।
लखोली, रेवाडीह और मोहारा में सैकड़ों पीएम आवास अधूरे
राजनांदगांव। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर में बन रहे सैकड़ों मकान अब तक पूरा नही हो पाया है। वर्ष 2020 से बन रहे कई मकान अब तक अधूरा है। वहीं जो मकान बने हैं, उसका आबंटन भी नही हो पाया है। ऐसे में योजना को लेकर ही सवाल उठ रहे है। शहर के मोहारा, लखोली और रेवाडीह में ठेकेदारों की लापरवाही से अब तक सैकड़ों पीएम आवास अधूरे पड़े हुए हैं।
मिली जानकारी अनुसार लखोली, मोहारा और रेवाडीह में 648 मकान एएचपी (मोर मकान मोर चिन्हारी) के तहत बनाए जा रहे है। निर्माण कार्य ही शुरूआत वर्ष 2020 से की गई थी। इसे करीब दो साल में पूरा करना था। लेकिन यहां 301 मकान के निर्माण में लगातार लापरवाही बरती, जिसके चलते निगम प्रशासन द्वारा पूर्व में ठेकेदारों पर कार्यवाही कर टेंडर ही निरस्त कर दिया था। हांलाकि बाद में नए सिरे से टेंडर दिया गया था।
गौरतलब है कि, पीएम आवास के आवेदन किए जाने के बाद गरीबों को पिछले लंबे समय से आवास मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में रूचि नही दिखाए जाने के कारण साढ़े छः सौ आवास अब तक अधूरे पड़े हुए हैं। अफसरों ने बताया कि एएचपी के 1930 मकानों की स्वीकृति मिली थी, जिसमें 1282 मकान पूर्ण हो गए और 648 मकान बनाए जा रहे है जो निर्माणाधीन है। कार्यपालन अभियंता दीपक खांडे का कहना है कि कितने पीएम आवास निर्माणाधीन है। इसे देखकर ही बता पाउंगा।
खंडहर में तब्दील आवास
लखोली वार्ड के पीएम आवास की पडताल की. यहां पाया गया कि मकान बनने से पहले खंडहर में तब्दील होने लगा है। मानिटरिंग नहीं होने से यहां आसामाजिक तत्वों का ढ़ेरा हो गया है। यही हाल रेवाडीह और मोहारा वार्ड में बन रहे मकानों का भी है। जहां मकाने बनने से पहले खंडहर में तब्दील होने लगी है।
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