Bastar News Update : जगदलपुर. गुमलनार की वैध रेत खदान अब अवैध उत्खनन के गंभीर आरोपों से घिर गई है. प्रतिबंधित अवधि के बावजूद मशीनों और हाइवा के जरिए खुलेआम रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि कई दिनों से लगातार चल रहा खेल है. पहले ग्रामीणों के विरोध के चलते ठेकेदार काम शुरू नहीं कर सका, लेकिन इसी बीच रेत तस्कर सक्रिय हो गए. 15 जून के बाद नदी से खनन पर रोक के बावजूद नियमों की अनदेखी जारी है. मशीनों और भारी वाहनों के उपयोग पर भी प्रतिबंध होने के बावजूद धड़ल्ले से परिवहन किया गया. जिले में इंद्रावती, शंखनी और डंकनी नदी से भी लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं. लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभागीय निगरानी और कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खनिज विभाग का कहना है कि सूचना मिली है और जांच टीम भेजी जाएगी. यदि नियम विरुद्ध गतिविधि मिली तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. अब सवाल यह है कि कार्रवाई पहले होगी या अवैध खनन का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा.

अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल, बाजार के बीच भड़की आग

जगदलपुर. शहर के सबसे व्यस्त गोलबाजार क्षेत्र में अंडरग्राउंड बिजली डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही पलों में विस्फोट जैसी स्थिति बनने पर दुकानदार दुकानें छोड़कर बाहर निकल आए. सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची. हालांकि समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया. घटना के बाद अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. व्यापारियों का कहना है कि इससे पहले भी शॉर्ट सर्किट की घटनाएं हो चुकी हैं. उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही घटना रात के समय होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था. व्यापारियों ने संभावित नुकसान की भरपाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं. शहर में पहले से बिजली कटौती और बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर लोगों में नाराजगी है. अब व्यापारियों ने सभी डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स की सुरक्षा जांच और आवश्यक सुधार की मांग की है. लोगों का कहना है कि हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए.

छात्रवृत्ति परीक्षा में बस्तर की ऐतिहासिक छलांग, राज्य में तीसरा स्थान

बस्तर. राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में बस्तर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है. पिछले वर्ष जहां केवल दो विद्यार्थियों का चयन हुआ था, इस बार यह संख्या बढ़कर 177 पहुंच गई. यह उपलब्धि जिले की शैक्षणिक रणनीति और सतत तैयारी का बड़ा परिणाम मानी जा रही है. बकावंड ब्लॉक ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए अकेले 130 विद्यार्थियों का चयन कराया. वहीं लोहंडीगुड़ा ब्लॉक से भी 37 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की. छात्रों को परीक्षा से पहले ओएमआर आधारित मॉक टेस्ट और नियमित अभ्यास कराया गया. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण और विशेष प्रशिक्षण का भी लाभ मिला. डिजिटल माध्यमों और समूह प्रशिक्षण ने तैयारी को और मजबूत बनाया. चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा. जिले की इस सफलता ने ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाई है. अब शिक्षा विभाग इस मॉडल को आगे भी जारी रखने की तैयारी में है.

अबूझमाड़ की तस्वीर बदलने वाली सड़क, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

नारायणपुर. कभी दुर्गम और अलग-थलग माना जाने वाला अबूझमाड़ अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है. महाराष्ट्र सीमा तक बनने वाली 78 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तेजी से जारी है. यह सड़क हजारों ग्रामीणों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं से जोड़ेगी. बरसात के दौरान घंटों पैदल चलने की मजबूरी भी काफी हद तक खत्म होगी. सड़क बनने से कृषि उपज और वनोपज को बाजार तक पहुंचाना आसान होगा. व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. अबूझमाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति को पर्यटन से भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है. स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है. यह परियोजना केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने की पहल मानी जा रही है. जिस क्षेत्र की पहचान कभी दुर्गमता थी, वह अब विकास के नए मानचित्र पर उभरता नजर आ रहा है.

डीजल संकट से परेशान किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली

बस्तर. खरीफ सीजन शुरू होने से पहले बीजापुर में डीजल संकट किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इसी मुद्दे पर सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया. रैली के दौरान किसानों ने पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने और नई पेट्रोल पंप सुविधा की मांग उठाई. ज्ञापन में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही. किसानों का कहना है कि डीजल नहीं मिलने से जोताई और बुआई का काम प्रभावित हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंपों पर जरूरत के मुताबिक डीजल नहीं दिया जा रहा. बढ़ती कीमतों ने खेती की लागत भी लगातार बढ़ा दी है. किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर कर्ज से खरीदे हैं और समय पर खेती नहीं हुई तो आर्थिक संकट गहरा जाएगा. प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दी गई कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा. मानसून से पहले डीजल संकट ने जिले में खेती की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अब किसानों की नजर प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है.

यात्री बस और मालवाहक वाहन की टक्कर

सुकमा. सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में इंजरम पुल के पास देर रात यात्री बस और मालवाहक वाहन की टक्कर हो गई. हादसे के समय बस में करीब 55 से 60 यात्री सवार थे. राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. टक्कर में दोनों वाहनों को मामूली नुकसान पहुंचा. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को थाना परिसर ले जाया गया. दोनों चालकों का अल्कोहल टेस्ट कराया गया, जिसमें वे नशे में नहीं पाए गए. जांच के बाद बस चालक पर ओवरस्पीडिंग का मामला दर्ज किया गया. वहीं मालवाहक वाहन में यात्रियों को बैठाकर परिवहन करने पर भी चालानी कार्रवाई की गई. पुलिस ने स्पष्ट किया कि मालवाहक वाहनों में यात्रियों का सफर नियमों के खिलाफ है. साथ ही बस चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की गई. समय रहते कार्रवाई होने से एक संभावित बड़ा सड़क हादसा टल गया.

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