Bastar News Update : नारायणपुर. रावघाट खदानों से निकला लाल मटमैला पानी अब नारायणपुर के गांवों की नई चिंता बन गया है। पहली बारिश के साथ ही खोड़गांव समेत कई गांवों के खेत, रास्ते और घर लाल कीचड़ से पट गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन परियोजना के लिए बनाई गई जल निकासी व्यवस्था अधूरी पड़ी है। इस कारण खदानों का अपशिष्ट सीधे खेती और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। 20 से 30 किसानों की कई एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसानों को मिट्टी की उर्वरता खत्म होने और उत्पादन घटने की चिंता सता रही है। लाल पानी नालों के रास्ते जलस्रोतों तक पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरणीय खतरा भी बढ़ गया है। दूसरी ओर 23 गांवों के युवाओं ने रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को लेकर नारायणपुर में प्रदर्शन किया। युवाओं का कहना है कि खनन शुरू होने से पहले किए गए वादे अब तक अधूरे हैं। ग्रामीणों में यह भावना गहराती जा रही है कि संसाधन तो क्षेत्र से निकल रहे हैं, लेकिन लाभ नहीं पहुंच रहा। पहली बारिश ने परियोजना से जुड़े कई सवाल फिर सामने ला दिए हैं। अब प्रशासन और प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
स्कूटी पर चल रहा था नशे का कारोबार, 15 किलो गांजा जब्त
जगदलपुर. बस्तर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। बोधघाट पुलिस और ब्लैक पैंथर की संयुक्त टीम ने दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर लामनी रोड में विशेष नाकेबंदी की गई थी। नेतानार की ओर से स्कूटी पर आ रहे दोनों युवकों को रोककर पूछताछ की गई। जांच के दौरान उनके बैग से 15 किलो 110 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत करीब 7 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपियों ने घेराबंदी देखकर भागने की कोशिश भी की। लेकिन पुलिस टीम की सतर्कता के कारण वे बच नहीं सके। कार्रवाई में स्कूटी, मोबाइल और नकदी समेत 8 लाख से अधिक का मशरूका जब्त हुआ।।दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभियान के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
टेलिंग डैम के किनारे बसे परिवारों पर बेदखली की घड़ी
दंतेवाड़ा. बड़ेबचेली के टेलिंग डैम क्षेत्र में रहने वाले 10 परिवारों के सामने अब घर खाली करने की चुनौती है। प्रशासन ने 14 जून से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है। न्यायालय के आदेश के आधार पर कार्रवाई को जरूरी बताया जा रहा है। प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और स्थायी आवास की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वर्षों से बसे लोगों को केवल मुआवजा देकर हटाना उचित नहीं होगा। परिवारों ने एनएमडीसी के रिक्त आवास उपलब्ध कराने की मांग भी रखी थी। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल ऐसी किसी व्यवस्था से असमर्थता जताई है। प्रभावितों का आरोप है कि पहले पुनर्वास और फिर विस्थापन होना चाहिए। ग्रामीणों ने यह सवाल भी उठाया कि पास में बसाए गए अन्य परिवारों का क्या होगा। मुआवजा, सुरक्षा और पुनर्वास के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब क्षेत्र में सबकी नजर प्रशासन और प्रभावित परिवारों के अगले कदम पर है।
नीट री-एग्जाम को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन
नारायणपुर. नीट-2026 के आयोजन को लेकर नारायणपुर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और एसपी पंकज चंद्रा ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। जिले में इसके लिए दो परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और स्वामी सेजेस जामकोटपारा को केंद्र बनाया गया है। कुल 629।परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
डायल-112 की तत्परता से बची युवक की जान
नारायणपुर. नारायणपुर में डायल-112 की त्वरित कार्रवाई एक युवक के लिए जीवनदान साबित हुई। फरसगांव क्षेत्र के आमगांव कुढ़ापारा में एक युवक द्वारा जहर सेवन की सूचना मिली थी। रात करीब ढाई बजे कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही ईआरवी टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। युवक अचेत अवस्था में मिला और उसकी हालत गंभीर थी। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसे वाहन में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच सकी। डॉक्टरों ने भी समय पर अस्पताल पहुंचने को महत्वपूर्ण बताया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की सराहना की। डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया की चर्चा पूरे क्षेत्र में रही। आपात स्थिति में पुलिस की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। यह मामला जनसेवा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता का उदाहरण बन गया है।
डीजल संकट को लेकर किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन
कोंडागांव. खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले डीजल की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उमरकोट-कोंडागांव मार्ग पर किसानों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि जरूरत के मुकाबले बेहद कम डीजल दिया जा रहा है। पहले 2000 रुपये, फिर 1000 रुपये और अब 500 रुपये तक की सीमा तय कर दी गई है। हालिया बारिश के बाद खेतों की तैयारी का काम तेजी से शुरू होना है। ऐसे समय में डीजल संकट ने कृषि कार्यों को प्रभावित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर को खेत तक पहुंचाने में ही पूरा डीजल खर्च हो जाता है। पेट्रोल पंप प्रबंधन ने डिपो से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने की बात कही है। प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश दी। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया। हालांकि चेतावनी दी गई है कि समस्या बरकरार रही तो आंदोलन और तेज होगा।
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