Bastar News Update : जगदलपुर. जगदलपुर शहर में जल संकट अब सिर्फ पानी की कमी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूषित पानी लोगों की सेहत पर भी भारी पड़ने लगा है. शहर की पुरानी और जर्जर पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे नलों में साफ पानी की जगह नाली का गंदा पानी पहुंच रहा है. निचली बस्तियों में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां पानी का प्रेशर इतना कम है कि लोगों को नालियों में बर्तन रखकर पानी भरना पड़ रहा है. कई इलाकों में महिलाएं और बच्चे गंदी नालियों में खड़े होकर पानी लेने को मजबूर नजर आए. स्थानीय लोगों का कहना है कि टुल्लू पंपों के अत्यधिक इस्तेमाल से भी जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. जिन घरों में पहले पर्याप्त पानी पहुंचता था, वहां भी अब बूंद-बूंद पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. दूषित पानी की सप्लाई के चलते शहर में पीलिया के मरीज बढ़ने की चर्चा भी तेज हो गई है. नागरिकों ने नगर निगम से पुरानी पाइपलाइन बदलने और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में यह संकट और खतरनाक बनता जा रहा है. यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. प्रशासन फिलहाल व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात लोगों की परेशानी बयां कर रहे हैं.

Bastar News Update : आधे घंटे की आंधी ने थाम दी शहर की रफ्तार

जगदलपुर. जगदलपुर में मौसम का बदला मिजाज राहत के साथ भारी आफत भी लेकर आया. गुरुवार दोपहर बाद तेज आंधी और बारिश ने पूरे शहर में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए. आधे घंटे चले अंधड़ में कई इलाकों में पेड़ और बड़े-बड़े होर्डिंग सड़क पर गिर पड़े, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. नया बस स्टैंड के सामने विशाल विज्ञापन बोर्ड गिरने से सड़क जाम हो गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. सबसे ज्यादा नुकसान बिजली व्यवस्था को पहुंचा, जहां जगह-जगह बिजली तारों पर पेड़ और डगाल गिरने से पूरे शहर की बिजली गुल हो गई. पावर हाउस में डीपी डैमेज होने से लोग देर रात तक अंधेरे में रहे. विद्युत कर्मियों को लगातार लाइन बहाल करने मशक्कत करनी पड़ी. गांधी नगर वार्ड में कई विशाल पेड़ घरों की छतों पर गिर गए, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई. मावली माता मंदिर गली और सूरी होटल के सामने हालात ज्यादा गंभीर रहे. बस्तर विधायक के बंगले के मेन गेट पर भी बड़ा पेड़ गिर गया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है. अचानक आई इस प्राकृतिक आफत ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी.

खेतों को निगल रही अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, भू-माफियाओं को प्रशासन की चेतावनी

जगदलपुर. जगदलपुर में कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग के बढ़ते कारोबार पर आखिरकार प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. शहर के चर्चित कदली वन इलाके में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर नगर पालिका की टीम ने कार्रवाई करते हुए काम रुकवा दिया. बताया जा रहा है कि कृषि भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर बेचा जा रहा था, जबकि न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति ली गई थी और न ही जमीन का डायवर्सन कराया गया था. कार्रवाई के दौरान नगर पालिका ने जेसीबी से रास्तों को खोदकर पूरी साइट ब्लॉक कर दी ताकि दोबारा निर्माण सामग्री अंदर न पहुंच सके. मामले में स्थानीय राजस्व अमले की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. किसानों ने पहले ही नक्शे में कथित हेरफेर और जमीन कब्जाने की साजिश की शिकायत कलेक्टर से की थी. किसानों का आरोप है कि रिकॉर्ड में कांट-छांट कर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई. प्रशासन का कहना है कि दोबारा अवैध निर्माण शुरू करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. शहर में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग को लेकर अब आम लोगों में भी नाराजगी दिखाई दे रही है. लोगों का कहना है कि खेती की जमीन खत्म होने से भविष्य में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई को भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी चेतावनी माना जा रहा है.

Bastar News Update : तेज अंधड़ और बारिश ने मचाई तबाही

सुकमा. सुकमा जिले में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. करीब 20 मिनट तक चली तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भारी नुकसान पहुंचाया. नेशनल हाईवे पर कई जगह विशाल पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई. तेज हवाओं की वजह से बिजली तारों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे जिला मुख्यालय समेत कई गांवों की बिजली गुल हो गई. पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा और देर रात तक बिजली विभाग की टीमें लाइन दुरुस्त करने में जुटी रहीं. सबसे ज्यादा असर गरीब तबके पर पड़ा, जहां बाजार क्षेत्र के टीन और लोहे के शेड हवा में उड़ गए. कई लोगों के आशियाने भी क्षतिग्रस्त हो गए. बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित जगहों की तलाश करते नजर आए. अचानक आए इस तूफान ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन भारी नुकसान भी पहुंचाया. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घरों में रहने की अपील की है. जिले में अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

सुशासन शिविर में करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात, मौके पर ही सुलझीं समस्याएं

लोहंडीगुड़ा. लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम पारापुर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर विकास और जनसमस्या समाधान का बड़ा मंच बनकर सामने आया. शिविर में एक करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया. वहीं प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 32 करोड़ रुपये से ज्यादा की सड़क परियोजनाओं की शुरुआत भी हुई. इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है. शिविर में ग्रामीणों से कुल 235 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 140 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया. शेष मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं. विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया. कृषि विभाग ने किसानों को उन्नत बीज और कृषि पंप दिए, जबकि लैम्पस के जरिए किसान क्रेडिट कार्ड बांटे गए. स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरित किए और महिला एवं बाल विकास विभाग ने गोद भराई व अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ योजना से जोड़ा गया. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी रही. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और सुविधाएं बेहतर होंगी.

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