Bastar News Update: सुकमा। जिले में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के साथ ही अब “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता व्यापार में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अवैध कारोबार के आरोप सामने आ रहे हैं। कभी माओवादियों की आर्थिक रीढ़ माना जाने वाला यह कारोबार अब कथित रूप से बिचौलियों और तस्करों के नेटवर्क में फंसता नजर आ रहा है।
कोंटा ब्लॉक में सरकारी व्यवस्था को दरकिनार कर तेंदूपत्ता की अवैध खरीद-फरोख्त का खेल खुलेआम चलने की बात कही जा रही है। आरोप है कि गरीब आदिवासियों से कम दाम पर तेंदूपत्ता खरीदकर उसे ओडिशा में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।

मुलाकिसोली, जग्गावरम, गोरखा, भंडारपदर और भेजी जैसे इलाकों में 40 से अधिक अवैध फड़ सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। अनुमान के अनुसार लगभग 50 लाख गड्डियों का स्टॉक मौजूद है, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभागों की कार्रवाई नहीं दिख रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसमें पंचायत स्तर के कर्मचारी और कुछ अन्य लोग भी संदेह के घेरे में हैं। सरकारी खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने से आदिवासी संग्राहकों को बोनस और उचित मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हालात सामान्य होने के दावे के बीच यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बकावंड की 9 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
बस्तर। जिले के बकावंड विकासखंड ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां की 9 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें जैबेल-2, संतोषा-1, संतोषा-2, तारेका, बनकोमार, चारगांव, डिमरापाल, मोहलई और बड़े जिराखाल शामिल हैं। सुशासन तिहार के अवसर पर इन पंचायतों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने सरपंचों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की।
यह उपलब्धि स्वास्थ्य कर्मियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पंचायतों ने टीबी मुक्त घोषित होने के लिए शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान और नियमित जांच को इस सफलता की मुख्य वजह बताया गया।
अवैध धंधों पर रोक न लगी तो थानेदार को देना होगा जवाब
दंतेवाड़ा। जिले में नक्सल उन्मूलन के बाद अब पुलिस ने अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। एसपी गौरव राय ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए जुआ, सट्टा, अवैध शराब, गांजा और नशीली दवाओं के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार, किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियां पाए जाने पर सीधे संबंधित थानेदार को जिम्मेदार माना जाएगा। आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से इन अवैध गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन कई क्षेत्रों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब सभी थाना क्षेत्रों में निगरानी और सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली के बाद प्रशासन का फोकस कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने पर है। थुलथुली मुठभेड़ जैसी बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस की साख में भी बढ़ोतरी हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार सख्ती का असर जमीन पर भी दिखाई देगा, वहीं अवैध कारोबारियों में डर का माहौल बनता नजर आ रहा है।
8 ट्रांसजेंडर बने आरक्षक
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में सामाजिक समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। राज्य में 8 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों का चयन पुलिस आरक्षक पद पर हुआ है।।यह चयन 2024 भर्ती प्रक्रिया और 2025 की परीक्षा के आधार पर हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों में भूमि मानिकपुरी, खुशी ध्रुव, संजना ध्रुव सहित अन्य नाम शामिल हैं। ये विभिन्न जिलों से आते हैं, जिनमें बस्तर और कांकेर भी शामिल हैं।
किन्नर समाज ने इसे ऐतिहासिक और प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है। सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अभ्यर्थियों ने मेहनत से सफलता हासिल की। यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि सम्मान और स्वीकार्यता का प्रतीक माना जा रहा है। सरकार की योजनाओं और सहयोग को भी सफलता का कारण बताया गया।
पुलिस विभाग में उनकी भागीदारी सामाजिक संतुलन को मजबूत करेगी। यह उपलब्धि अन्य ट्रांसजेंडर युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। समान अवसर की दिशा में यह एक मजबूत संदेश है।
बाजार से दवा दुकानों तक जांच, दंतेवाड़ा में 26 दुकानों पर कार्रवाई
दंतेवाड़ा। जिले में ‘सही दवा, शुद्ध आहार’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 7 किराना और कॉस्मेटिक दुकानों का निरीक्षण किया गया, साथ ही मेडिकल स्टोर्स और थोक दवा विक्रेताओं की भी जांच की गई।
जांच के दौरान दो दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए लिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में साबुन, तेल और क्रीम जैसे उत्पादों की गुणवत्ता की भी जांच की गई। इसके अलावा वैक्सीन स्टोरेज और कोल्ड चेन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान कोटपा एक्ट के तहत नियमों के उल्लंघन पर 26 दुकानों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई, जिसमें करीब 4450 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
जागरूकता के तहत लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग और नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि जनस्वास्थ्य से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
लक्ष्य से पीछे तेंदूपत्ता खरीदी, बीजापुर में तस्करी बनी बड़ी चुनौती
बीजापुर। जिले में तेंदूपत्ता खरीदी इस बार तय लक्ष्य से पीछे चल रही है। 119500 मानक बोरा के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल लगभग आधी खरीदी ही हो पाई है। नक्सल समस्या में कमी के बाद इस वर्ष बेहतर खरीदी की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब तेंदूपत्ता तस्करी बड़ी बाधा बनकर सामने आई है। इसके चलते सरकारी खरीदी प्रभावित हो रही है और संग्राहकों को मिलने वाला बोनस व अन्य लाभ भी बाधित हो रहे हैं।
तेंदूपत्ता, जिसे ‘हरा सोना’ कहा जाता है, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं की आय का प्रमुख साधन है। सरकार इसकी खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से कर रही है, इसके बावजूद अवैध तस्करी का असर सिस्टम पर साफ दिखाई दे रहा है। तस्करी के जरिए बाहर भेजा गया तेंदूपत्ता सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाता, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे संग्राहकों तक नहीं पहुंच पाता।
वन विभाग के सामने यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब तस्करी पर रोक को ही खरीदी बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने का मुख्य रास्ता माना जा रहा है।
योग से स्वास्थ्य की ओर कदम, जगदलपुर में 3 दिवसीय विराट योग उत्सव
जगदलपुर। शहर में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 15 से 17 मई तक तीन दिवसीय विराट योग उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक आयोजित होगा।
इस आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न योग संस्थाएं संयुक्त रूप से भागीदारी कर रही हैं। कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। योग उत्सव का मुख्य उद्देश्य हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना है। शिविर के दौरान शुगर, बीपी और वजन की नि:शुल्क जांच की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही प्रतिभागियों को प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेदिक उपचार, खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे। विशेषज्ञ घरेलू उपचारों की जानकारी भी साझा करेंगे।
आयोजन में सामाजिक संगठनों का सहयोग भी मिल रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह योग उत्सव लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
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