Bastar News Update : बस्तर. बस्तर ब्लॉक के जामगुड़ा गांव की एक दिव्यांग महिला की परेशानी उस वक्त सुर्खियों में आई थी, जब प्यास बुझाने के लिए उसे अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर पानी लाना पड़ता था. खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और महिला के घर के पास नल तो लगवा दिया गया, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी. कुछ दिनों तक पानी आने के बाद नल सूख गया और अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं. महिला को आज भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. सवाल यह है कि क्या सिर्फ नल लगवा देना ही समाधान था, या फिर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है? जब इस पूरे मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि खबर की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था, दिव्यांग महिला की मदद की गई थी और पानी की व्यवस्था भी कराई गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि अब पानी नहीं मिल रहा है तो वे दोबारा जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करवाएंगे. फिलहाल जामगुड़ा की यह तस्वीर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर रही है. सवाल यही है कि आखिर राहत सिर्फ कागजों और व्यवस्थाओं तक सीमित रहेगी, या फिर दिव्यांग महिला के घर तक लगातार पानी भी पहुंचेगा?

बीज बाजार में बढ़ी किसानों की बेचैनी, पसंदीदा धान बीज के लिए भटक रहे अन्नदाता

बस्तर. खरीफ सीजन की तैयारी के बीच बस्तर में किसानों के सामने अब बीज का संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है. बीज विकास निगम द्वारा धान बीजों के दाम बढ़ाए जाने के बाद किसानों का रुझान निजी दुकानों की ओर बढ़ गया है. सुबह से देर रात तक खाद-बीज दुकानों में किसानों की भीड़ उमड़ रही है. किसानों का कहना है कि उनकी पसंद के हाईब्रिड बीज आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं. कई जगह बीज मिल भी रहे हैं तो निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद में किसान हाईब्रिड किस्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं. सीजेंटा, धानी, लक्ष्मी प्लस और जलधि जैसी किस्मों की मांग सबसे अधिक है. समय कम होने के कारण किसान मजबूरी में नई कंपनियों के बीज भी खरीद रहे हैं. देशी धान की खेती लगातार कम होती जा रही है और खेतों में हाईब्रिड बीजों का दबदबा बढ़ रहा है. कंपनियां अधिक उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता का दावा कर रही हैं. ऐसे में बोआई से पहले बीज बाजार किसानों की सबसे बड़ी चिंता बन गया है.

ईवी की बढ़ती रफ्तार से बिजली व्यवस्था पर दबाव, सोलर मॉडल बना भविष्य की जरूरत

बस्तर. बस्तर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या अब ऊर्जा व्यवस्था के लिए नई चुनौती बनती जा रही है. जिले में करीब 250 इलेक्ट्रिक कारें और लगभग 10 हजार ईवी दोपहिया वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहे हैं. लेकिन रात के समय हजारों वाहनों की चार्जिंग से बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में केवल वाहन बदलना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ऊर्जा स्रोत बदलना भी जरूरी होगा. रूफटॉप सोलर सिस्टम को इस समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा है. दिन में सौर ऊर्जा से चार्जिंग और रात में उपयोग का मॉडल भविष्य की जरूरत बन सकता है. घरेलू चार्जिंग से कई उपभोक्ताओं के बिजली स्लैब भी बदल रहे हैं, जिससे बिल में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ऐसे में ईवी क्रांति को टिकाऊ बनाने के लिए सोलर और स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन पर जोर देना समय की मांग बन गई है.

बारिश से पहले धान उठाव की दौड़, करोड़ों का अनाज अब भी खुले आसमान के नीचे

बस्तर. मानसून की दस्तक से पहले बस्तर में धान भंडारण को लेकर चिंता बढ़ गई है. खरीदी समाप्त हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन बड़ी मात्रा में धान अब भी परिवहन का इंतजार कर रहा है. जिले के खरीदी केंद्रों में 28 हजार क्विंटल से अधिक धान जमा है जिसकी कीमत करीब 8.68 करोड़ रुपये बताई जा रही है. बारिश शुरू होने से पहले उठाव नहीं हुआ तो अनाज खराब होने का खतरा मंडरा रहा है. पूरे बस्तर संभाग के 200 केंद्रों में 4.56 लाख क्विंटल धान अब भी खुले में पड़ा हुआ है. इसके पीछे गोदामों में जगह की कमी और परिवहन की धीमी गति को प्रमुख कारण माना जा रहा है. प्रशासन ने 165 मिलर्स को उठाव की जिम्मेदारी सौंपी है. हालांकि 15 जून तक शत-प्रतिशत उठाव का दावा किया जा रहा है. लेकिन मौसम की बदलती स्थिति और धीमी रफ्तार के चलते करोड़ों रुपये की उपज पर संकट के बादल छाए हुए हैं. अब सबकी निगाहें प्रशासन के दावों पर टिकी हैं.

स्कूल परिसर से चोरी हुई बाइकें बरामद, तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले के गीदम क्षेत्र में पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामला स्कूल परिसर के पास खड़ी दो बाइकों की चोरी से जुड़ा था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और अन्य तथ्यों के आधार पर संदेहियों की पहचान की गई. पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की दोनों मोटरसाइकिलें बरामद कर लीं. गिरफ्तार आरोपियों में एक कोंडागांव और दूसरा दंतेवाड़ा जिले का निवासी है. कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस सफलता से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद बढ़ी है.

बारिश और गिरते दामों ने बढ़ाई मक्का किसानों की मुश्किलें, लागत निकालना भी चुनौती

बस्तर. बस्तर में इस बार मक्का उत्पादक किसान दोहरी मार झेल रहे हैं. एक ओर बेमौसम बारिश फसल को नुकसान पहुंचा रही है तो दूसरी ओर बाजार में मक्के के दाम लगातार गिर रहे हैं. इंद्रावती और नारंगी नदी के किनारे तथा सिंचित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसानों ने रबी सीजन में मक्का की खेती की थी. वर्तमान में किसान मक्का की तुड़ाई और बिक्री में जुटे हैं, लेकिन बाजार भाव उम्मीद से काफी कम है. लगातार बारिश के कारण सूखाया गया मक्का भीग रहा है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. भारी आवक के चलते व्यापारी कम कीमत पर खरीदी कर रहे हैं. किसान खरीफ सीजन की तैयारी के लिए जल्द बिक्री करना चाहते हैं, जिसका फायदा व्यापारी उठा रहे हैं. पिछले वर्षों की तुलना में इस बार तुड़ाई भी देरी से शुरू हुई है. ऐसे में किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल होता दिखाई दे रहा है. मौसम और बाजार दोनों की मार ने मक्का उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है.