Bastar News Update : सुकमा. तोंगपाल थाना क्षेत्र के लेदा गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि एक युवक की जान चली गई. मृतक की पहचान मुन्ना उर्फ आकाश के रूप में हुई है, जिसका गांव की एक युवती से प्रेम संबंध बताया जा रहा है. आरोप है कि युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और युवक को कई बार समझाइश भी दी गई थी. बुधवार को दिन में विवाद के बाद युवक रात में दोबारा युवती के घर पहुंच गया. इसके बाद परिजनों ने उसे पकड़ लिया और हाथ रस्सी से बांधकर खंभे से बांधने का आरोप है. लकड़ी और डंडों से की गई कथित मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही तोंगपाल पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में तुला राम मरकाम, मड़काम सन्नू उर्फ इंडिया, शिव राम मरकाम, लखमा मड़कम और सुशीला मरकाम शामिल हैं. पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और मामले की विवेचना जारी है. पुलिस के मुताबिक घटना की सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

रेलवे स्टेशन की सुविधा पर सवाल

जगदलपुर. रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के बीच यात्रियों की एक पुरानी परेशानी अब भी बरकरार है. करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से नया स्टेशन भवन तैयार हो चुका है, लेकिन यात्री सुविधाओं का इंतजार खत्म नहीं हुआ. मौजूदा प्रतीक्षालय में सीमित जगह होने के कारण यात्रियों को बैठने और रात गुजारने में परेशानी होती है. सुबह करीब साढ़े पांच बजे रवाना होने वाली समलेश्वरी एक्सप्रेस के यात्रियों को कई बार रात में ही स्टेशन पहुंचना पड़ता है. वेटिंग हॉल में जगह नहीं मिलने पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर मच्छरदानी लगाकर रात बिताते देखा जा रहा है. डॉरमेट्री की सुविधा भी आम यात्रियों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है और वहां सामान रखे होने की बात सामने आई है. सपरिवार यात्रा करने वाले यात्रियों और महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतीक्षालय सुविधा नहीं मिलने की शिकायत है. वहीं नया स्टेशन भवन तैयार होने के बावजूद उद्घाटन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में लिफ्ट का काम पूरा नहीं होने को इसकी एक वजह बताया जा रहा है. यात्रियों की मांग है कि अधूरे काम जल्द पूरे कर नए भवन को शुरू किया जाए. ताकि आधुनिक स्टेशन के साथ यात्रियों को वास्तविक सुविधाएं भी मिल सकें और उन्हें प्लेटफॉर्म पर रात न गुजारनी पड़े.

लेण्ड्रा नयापारा की बदहाल तस्वीर

सुकमा. कोंटा विकासखंड के दरभागुड़ा पंचायत के आश्रित ग्राम लेण्ड्रा नयापारा में बुनियादी सुविधाओं का संकट ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी जरूरतों के लिए वे लंबे समय से मांग कर रहे हैं. समस्या को लेकर 15 सितंबर 2023, 28 अगस्त 2024 और 9 अप्रैल 2025 को भी आवेदन दिए जाने की बात कही गई है. इसके बावजूद ग्रामीणों के मुताबिक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है. एर्राबोर से करीब सात किलोमीटर दूर गांव तक पक्की सड़क नहीं होने से बारिश में आवाजाही मुश्किल हो जाती है. सबसे गंभीर समस्या स्वास्थ्य सुविधा की है, क्योंकि गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है. आपात स्थिति में बुजुर्गों और मरीजों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाने में ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है. गर्भवती महिलाओं को भी कई बार कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाने की नौबत आने की बात ग्रामीणों ने कही है. ग्रामीणों ने एर्राबोर बाजार से कोत्तावेक्स तक सड़क और एर्राबोर से लेण्ड्रा तक बिजली की मांग की है. इसके अलावा हर घर नल-जल, सोलर पानी टंकी, सीसी रोड और निस्तारी तालाब की मांग भी रखी गई है. अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन पर है कि वर्षों से दिए जा रहे आवेदनों का समाधान जमीन पर कब दिखाई देता है.  

‘आशीर्वाद के दीये’ को लेकर कांग्रेस का हमला

जगदलपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाने के आयोजन को लेकर युवा कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष निलय कश्यप ने इसे सरकारी पैसे के इस्तेमाल से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि एक ओर आम लोग महंगाई का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी संसाधनों से उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं. कश्यप ने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों के बीच सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन का इस्तेमाल भव्य आयोजनों और दिखावे पर किया जा रहा है. कश्यप ने भाजपा सरकार को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए इसे इवेंट मैनेजमेंट की सरकार बताया. उनका आरोप है कि जनता के टैक्स से मिलने वाले पैसों का उपयोग प्राथमिक जरूरतों के बजाय आयोजनों में किया जा रहा है. हालांकि यह बयान कांग्रेस नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है. इसे लेकर सरकार या भाजपा की ओर से कोई अलग पक्ष इस जानकारी में सामने नहीं आया है. महंगाई और सरकारी खर्च को लेकर यह राजनीतिक बयान अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

एक साथ तीन बच्चों का सुरक्षित जन्म

दंतेवाड़ा. जिला अस्पताल में 16 सितंबर को एक गर्भवती महिला ने एक साथ तीन पुत्रों को जन्म दिया. कटेकल्याण ब्लॉक के बांदीपारा निवासी महिला का सामान्य प्रसव कराया गया और तीनों नवजातों को निगरानी में रखा गया है. गर्भावस्था के दौरान महिला को उच्च जोखिम वाली गर्भवती के रूप में चिन्हांकित किया गया था. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नियमित जांच, फॉलोअप और सोनोग्राफी के जरिए उसकी निगरानी की. मितानिन ने भी गर्भावस्था के दौरान महिला के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी. समय पर रेफरल के बाद महिला को कटेकल्याण से जिला अस्पताल दंतेवाड़ा लाया गया. यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा शिशु रोग विभाग की टीम ने समन्वय के साथ प्रसव कराया. तीनों नवजातों का वजन क्रमशः 1870, 1875 और 1750 ग्राम दर्ज किया गया है. जन्म के बाद तीनों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में भर्ती कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया. पहले नवजात में कुछ समय के लिए रुदन में विलंब हुआ, लेकिन आवश्यक उपचार के बाद तीनों की स्थिति स्थिर बताई गई है. स्वास्थ्य विभाग ने इसे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान और रेफरल का परिणाम बताया है.

बैलाडीला में विश्वकर्मा जयंती का उत्साह

दंतेवाड़ा. विश्वकर्मा जयंती के मौके पर लौह नगरी बचेली में आस्था और उत्साह का बड़ा नजारा देखने को मिला. बैलाडीला की वादियों और भगवान विश्वकर्मा के प्रति आस्था लोगों को दूर-दराज से यहां खींच लाई. छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला रहा. बुधवार शाम से शुरू हुआ आगमन गुरुवार सुबह बड़े वाहनों के काफिले में बदल गया. सुबह आठ बजे प्रवेश खुलते ही चेक पोस्ट पर वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी. आकाश नगर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रबंधन की ओर से निशुल्क बसों की व्यवस्था की गई थी. लेकिन भीड़ उम्मीद से ज्यादा होने के कारण कई श्रद्धालुओं को बस में जगह नहीं मिल सकी. लंबे इंतजार के बाद भी बस नहीं मिलने से कुछ लोगों में नाराजगी और निराशा भी देखने को मिली. बड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और सीआईएसएफ ने सुरक्षा और यातायात की जिम्मेदारी संभाली. विभिन्न स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया. हजारों लोगों की मौजूदगी ने बचेली को पूरे दिन धार्मिक और उत्सवी माहौल में सराबोर कर दिया.

नगर पंचायतों में वार्ड आरक्षण तय

बीजापुर. आगामी नगरपालिका निर्वाचन की तैयारियों के बीच बीजापुर जिले में नगर पंचायतों के वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. कलेक्टर विश्वदीप और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्धारित नियमों के अनुसार आरक्षण किया गया. भोपालपटनम और भैरमगढ़ नगर पंचायतों के 15-15 वार्डों की आरक्षण स्थिति तय की गई है. भोपालपटनम में छह वार्ड अनुसूचित जनजाति और तीन वार्ड अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित हैं. वार्ड क्रमांक 15 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है. वहीं दो वार्ड अनारक्षित महिला और चार वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं. भैरमगढ़ में भी छह वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए गए हैं. तीन वार्ड अनुसूचित जनजाति महिला, दो वार्ड अनारक्षित महिला और चार वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं. आरक्षण प्रक्रिया के बाद अब दोनों नगर पंचायतों में चुनावी समीकरणों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है. हालांकि किस वार्ड से कौन उम्मीदवार मैदान में उतरेगा, इसकी तस्वीर चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ साफ होगी. फिलहाल आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के साथ दोनों नगर पंचायतों के कुल 30 वार्डों की स्थिति स्पष्ट हो गई है.

किंदरेलपाड़ में झोपड़ी के भरोसे स्कूल

सुकमा. कोंटा ब्लॉक के किंदरेलपाड़ में सरकारी स्कूल की तस्वीर बुनियादी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. गांव के 15 से अधिक बच्चे आज भी पक्के भवन के बजाय झोपड़ीनुमा स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं. ग्रामीणों के मुताबिक प्राथमिक शाला लंबे समय से कभी घर तो कभी झोपड़ी में संचालित होती रही है. स्कूल भवन के लिए वर्ष 2023-24 में करीब 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे. निर्माण शुरू होकर नींव तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद काम बंद हो गया और भवन अधूरा पड़ा है. विडंबना यह है कि बच्चों के लिए भवन नहीं बना, लेकिन स्कूल परिसर में पक्का शौचालय तैयार हो चुका है. बारिश के दौरान झोपड़ी में पानी और नमी के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क और पानी जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं, लेकिन शिक्षा के लिए पक्की छत अब भी नहीं मिल पाई. किंदरेलपाड़ में आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं है और 0 से 6 वर्ष के एक दर्जन से ज्यादा बच्चे प्रभावित बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं है. डीईओ जीआर मंडावी के अनुसार संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.

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