जमशेदपुर। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड में सियासी विरोध तेज हो गया है। झामुमो ने इसके खिलाफ 19 सितंबर, शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी प्रखंड और नगर निकाय कार्यालयों में धरना-प्रदर्शन की तैयारी की है। जमशेदपुर के साकची स्थित जेएनएसी कार्यालय में भी पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे।
जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को दिया जुटने का निर्देश
झामुमो पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन के अनुसार, पार्टी ने प्रदर्शन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। पार्टी की ओर से पंचायत से लेकर नगर स्तर तक कार्यकर्ताओं को जुटाने की रणनीति बनाई गई है।
पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ प्रदर्शन की तैयारी
झामुमो के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता पारंपरिक गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ प्रखंड मुख्यालयों तक पहुंचेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि संशोधन अधिनियम से झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के राजस्व हितों पर असर पड़ सकता है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कानून में बदलाव का विरोध किया जा रहा है।
केंद्र का पक्ष क्या है?
केंद्र सरकार ने संशोधन अधिनियम को खनिज क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और निवेश को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है। केंद्रीय सरकार के अनुसार, संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज अधिकार समाप्त नहीं होते तथा खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल कर एवं वैधानिक भुगतान का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।
वहीं, झारखंड सरकार और झामुमो इस कानून के कुछ प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला भी किया है।
जिले में बढ़ाई जा रही है आंदोलन की तैयारी
झामुमो जिला नेतृत्व ने सभी प्रखंडों और जमशेदपुर नगर क्षेत्र के पदाधिकारियों को प्रदर्शन में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। पार्टी की ओर से इसे राज्य के खनिज संसाधनों और राजस्व से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के अभियान का हिस्सा बताया गया है।



