गुरदासपुर। बटाला के अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी पर 1 अगस्त की रात हुए ग्रेनेड हमले की जांच में पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और बटाला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीसरे आरोपी करनजीत सिंह उर्फ बच्चा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बटाला के शिव नगर का रहने वाला बताया जा रहा है।

पुलिस की शुरुआती जांच में करनजीत सिंह के एक आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे मौजूद विदेशी हैंडलरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

पुर्तगाल में बैठे कथित मास्टरमाइंड के इशारे पर चल रहा था नेटवर्क

जांच में पुलिस को शक है कि यह मॉड्यूल विदेश में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक कथित मास्टरमाइंड के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्थानीय आरोपियों को किस तरह निर्देश दिए जाते थे और उन्हें हमले के लिए संसाधन व आर्थिक मदद कौन उपलब्ध करा रहा था।

हमले के बाद छिपा हुआ था आरोपी

पुलिस के मुताबिक, वारदात के अगले ही दिन हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई थी, लेकिन जांच प्रभावित न हो, इसलिए उनकी जानकारी तत्काल सार्वजनिक नहीं की गई। लगातार दबिश और खुफिया इनपुट के आधार पर अब तीसरे आरोपी को भी पकड़ लिया गया है।

एक नाबालिग भी शामिल, तीनों आरोपी बटाला के रहने वाले

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी बटाला क्षेत्र के रहने वाले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर पंजाब में पुलिस चौकियों और थानों को निशाना बनाकर आगे भी हमले करने की योजना बना रहे थे।

पुलिस का दावा है कि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी होने से संभावित बड़ी आतंकी वारदात को टालने में मदद मिली है।

पैसों का लालच देकर कराया गया ग्रेनेड हमला!

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों को कथित तौर पर पैसों का लालच देकर ग्रेनेड हमला करने के लिए तैयार किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को कितनी रकम देने का वादा किया गया था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।

फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक खंगाल रही एजेंसियां

गिरफ्तार आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मॉड्यूल को स्थानीय स्तर पर किस-किस व्यक्ति से मदद मिली और विदेशी नेटवर्क से इसके संपर्क किस माध्यम से थे।

विदेशी हैंडलरों और स्थानीय नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि होने पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे तीन हमलावर

पुलिस के मुताबिक, 1 अगस्त की रात करीब 10 बजे बाइक सवार तीन आरोपी अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी के पास पहुंचे थे। उन्होंने हंसली नाले के साथ लगती सड़क की तरफ से चौकी को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड फेंका था। ग्रेनेड चौकी की बाहरी दीवार से टकराया।

हमले के वक्त चौकी के अंदर एएसआई बिक्रम सिंह के अलावा तीन पुलिसकर्मी और एक अन्य व्यक्ति मौजूद था। हालांकि इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का दावा

पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में आतंकी नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। जांच एजेंसियां इस पूरे मॉड्यूल की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं, ताकि इसके स्थानीय नेटवर्क के साथ-साथ विदेश में बैठे संचालकों तक भी पहुंच बनाई जा sake.