हरियाणा के बावल में आयोजित बीजेपी के "खेत बचाओ अभियान" कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात दी। हालांकि, इस अहम कार्यक्रम से स्थानीय सांसद और विधायकों सहित बड़े नेताओं की दूरी चर्चा का विषय बनी हुई है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बावल दौरे पर मंगलवार को आयोजित “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम में भाजपा ने विकास और किसान हितैषी योजनाओं का बड़ा संदेश देने की कोशिश की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने करीब 121 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे।
हालांकि, कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा विकास घोषणाओं से ज्यादा स्थानीय भाजपा नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर रही। क्षेत्र के सांसद राव इंद्रजीत सिंह, रेवाड़ी जिले के तीनों भाजपा विधायक, जिला परिषद चेयरमैन, पार्टी के अधिकांश जिला पदाधिकारी और पांचों मंडल अध्यक्ष कार्यक्रम में नजर नहीं आए। प्रदेश स्तरीय सरकारी कार्यक्रम में स्थानीय नेतृत्व की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए।
भाजपा को अनुशासित संगठन माना जाता है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले कार्यक्रम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों की दूरी को सामान्य राजनीतिक घटना नहीं माना जा रहा। हालांकि, किसी भी नेता की ओर से गैरहाजिरी का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि कार्यक्रम से दूरी बनाकर स्थानीय नेताओं ने अपने अलग राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम को सामान्य मानता है या फिर संगठनात्मक स्तर पर इसकी समीक्षा करता है।
सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि क्या रेवाड़ी भाजपा के भीतर सब कुछ सामान्य है, या फिर मतभेद अब बंद कमरों से निकलकर सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगे हैं? आने वाले दिनों में सांसद राव इंद्रजीत सिंह की राजनीतिक रणनीति, स्थानीय नेताओं की भूमिका और प्रदेश नेतृत्व का रुख इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगा। फिलहाल, बावल का यह कार्यक्रम विकास कार्यों से अधिक भाजपा की अंदरूनी सियासत को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

