रेवाड़ी के गांव खातीवास में HAU की NSS इकाई ने विश्व पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।
धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। जिले में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से संबद्ध कृषि महाविद्यालय बावल की एनएसएस (NSS) इकाई ने विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में गांव खातीवास में एक व्यापक स्वच्छता एवं पौधारोपण अभियान संचालित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय हिसार के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और स्वयंसेवकों को वायुमंडल में तेजी से बढ़ते प्रदूषण के दुष्प्रभावों और उसके गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के माध्यम से बढ़ते प्रदूषण को थामने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की गई।
यादगार पलों में पौधे लगाएं: कौशिक
डॉ. नरेश कौशिक ने बढ़ते प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन के सुखद या दुखद पलों को यादगार बनाने के लिए एक छायादार या फलदार पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने दक्षिणी हरियाणा की जलवायु के अनुकूल नीम, पीपल और बरगद के पौधों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये पेड़ अन्य पौधों की तुलना में कहीं अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं और पर्याप्त ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। वृक्षारोपण की यह मुहिम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
स्वच्छता और जागरूकता का संकल्प
अभियान के दौरान गांव खातीवास को पॉलिथीन मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया गया और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. योगेश, डॉ. रामस्वरूप, हरीश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वयंसेवक मौजूद रहे। इनमें धर्मवीर, लालचंद, चंद, ईश्वर सिंह, किशोरी लाल, रामानंद, नाथूराम, हरलाल, हंसराज और परमानंद आदि ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
भारतीय रेलवे के कर्मचारियों द्वारा भंडारे का आयोजन
इसके अतिरिक्त, एक अन्य कार्यक्रम के तहत भारतीय रेलवे के कर्मचारियों द्वारा 7 जून को गांव भवाड़ी स्थित बाबा भैया के मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने सभी ग्रामीणों से इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने का विनम्र अनुरोध किया है।

