Technology Desk : मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ने से स्मार्टफोन महंगे हो रहे हैं। ऐसे में कई खरीदार रीफर्बिश्ड फोन का रुख कर रहे हैं। कम कीमत में पुराने प्रीमियम फोन मिलना इसकी बड़ी वजह है।

Apple और Samsung के पुराने मॉडल्स की मांग ज्यादा रहती है। रीफर्बिश्ड फोन को जांच और टेस्टिंग के बाद बेचा जाता है। जरूरत पड़ने पर इसके खराब पार्ट्स भी बदले जाते हैं।
हालांकि, हर रीफर्बिश्ड फोन एक जैसा नहीं होता। खरीदारी में खराब डिवाइस और नकली पार्ट्स का जोखिम रहता है। इसलिए फोन खरीदने से पहले कुछ जरूरी जांच करना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले सेलर की विश्वसनीयता जांचें
रीफर्बिश्ड फोन खरीदते समय सेलर सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है। भरोसेमंद सेलर फोन की कंडीशन और हिस्ट्री बताता है। इसके अलावा वारंटी और रिटर्न पॉलिसी भी स्पष्ट होनी चाहिए। खरीदारी के बाद पक्का बिल भी जरूर संभालकर रखें।
कंपनी का सर्टिफाइड फोन लेना बेहतर विकल्प
मैन्युफैक्चरर-सर्टिफाइड रीफर्बिश्ड फोन एक विकल्प हो सकता है। Samsung अपने Certified Re-Newed प्रोग्राम के तहत फोन बेचता है। इस प्रोग्राम में Galaxy S25 Ultra और Galaxy S25 जैसे मॉडल शामिल हैं। कंपनी के अनुसार ऐसे डिवाइस इंस्पेक्शन और फंक्शनल टेस्टिंग से गुजरते हैं।
कंपनी के रीफर्बिश्ड प्रोग्राम में सॉफ्टवेयर की भी जांच होती है। बिक्री से पहले पुराने डेटा को हटाया जाता है। जरूरत होने पर खराब पार्ट्स को बदला जाता है। खरीदारी से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट जरूर चेक करें। वहां वारंटी और डिवाइस की जानकारी की पुष्टि करें।
रीफर्बिश्ड स्टोर से खरीदते समय क्या देखें?
नामी रीफर्बिश्ड रिटेलर भी एक विकल्प हो सकते हैं। लेकिन फोन खरीदने से पहले उसकी ग्रेडिंग जरूर समझें। डिवाइस की कंडीशन और वारंटी की जानकारी ध्यान से पढ़ें। रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी भी जरूर जांचें।
अगर संभव हो तो फोन को खरीदने से पहले खुद देखें। फिजिकल स्टोर पर डिस्प्ले और कैमरा जांचना आसान होता है। फोन के रिप्लेसमेंट पार्ट्स की जानकारी भी सेलर से लें। साथ ही खरीदारी का पक्का बिल जरूर लें।
IMEI नंबर की जांच सबसे जरूरी
फोन खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर जरूर चेक करें। फोन में दिख रहा IMEI बिल से मैच होना चाहिए। भारत में IMEI स्टेटस CEIR सर्विस से भी जांचा जा सकता है। इससे डिवाइस की पहचान और स्थिति की जांच में मदद मिलती है। जो सेलर IMEI देने से मना करे, उससे सावधान रहें। बिना बिल वाला फोन खरीदना भी जोखिम भरा हो सकता है।
iPhone में Apple अकाउंट जरूर चेक करें
iPhone खरीदते समय पुराने मालिक का अकाउंट हटना जरूरी है। सेलर ने अपने Apple अकाउंट से साइन आउट किया है या नहीं, जांचें। फोन खरीदने से पहले बैटरी हेल्थ भी चेक करें। इससे बैटरी की मौजूदा स्थिति का अंदाजा मिलता है।
Android फोन में Google अकाउंट देखें
Android फोन खरीदते समय पुराना Google अकाउंट चेक करें। फोन से पिछले मालिक का अकाउंट पूरी तरह हटना चाहिए। फोन को पूरी तरह रीसेट करके ही खरीदना सुरक्षित रहता है। डिवाइस में पिछले मालिक का डेटा नहीं होना चाहिए।
फोन खरीदने से पहले यह चेकलिस्ट जरूर देखें
डिस्प्ले पर स्क्रैच और वर्टिकल लाइन जांचें।
कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन टेस्ट करें।
सभी बटन सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं देखें।
फिंगरप्रिंट सेंसर या Face ID जांचें।
फोन आपके SIM और नेटवर्क बैंड्स को सपोर्ट करता है या नहीं देखें।
फोन पूरी तरह रीसेट हुआ है या नहीं जांचें।
पुराने मालिक का कोई डेटा मौजूद नहीं होना चाहिए।
पक्का इनवॉयस और वारंटी कार्ड जरूर लें।
IMEI नंबर फोन और बिल से मिलाएं।
रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी पहले पढ़ें।
बिना जांच के एडवांस पेमेंट न करें
क्लासिफाइड वेबसाइट या किसी व्यक्ति से फोन खरीदते समय ज्यादा सावधानी रखें। कोशिश करें कि फोन को खुद देखकर ही खरीदें।
पेमेंट से पहले यह भी जांचें कि फोन किसी अकाउंट से लॉक तो नहीं है। डिवाइस चोरी या गुम होने की रिपोर्ट भी चेक करें।
जिस फोन की जांच आप खुद नहीं कर सकते, उसके लिए एडवांस पेमेंट न करें। खासकर बिना बिल और मालिकाना हक के सबूत के भुगतान से बचें।
सस्ता फोन खरीदने के चक्कर में न करें जल्दबाजी
रीफर्बिश्ड फोन कम कीमत में अच्छा हार्डवेयर दे सकता है। लेकिन कम कीमत देखकर तुरंत खरीदारी करना सही नहीं है। सेलर, IMEI, बैटरी, अकाउंट लॉक और वारंटी की जांच करें। इन सभी चीजों की पुष्टि के बाद ही खरीदारी करें।



