बेगूसराय। आपसी विवाद और मारपीट की एक घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस चौंकाने वाली घटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा, उनके छोटे भाई संजीव वर्मा और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता अनिल वर्मा समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। राजनीतिक हस्तियों के इस तरह अचानक लहूलुहान होने से स्थानीय राजनीति और आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

​शराब के नशे में मारपीट का गंभीर आरोप

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद के केंद्र में एक सरकारी शिक्षक का नाम आ रहा है। आरोपी शिक्षक की पहचान संजय सिंह के रूप में हुई है, जिन पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने शराब के नशे में धुत होकर इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में शिक्षक ने अचानक से इन नेताओं और अन्य लोगों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि मारपीट की नौबत आ गई। हालांकि, शिक्षक के नशे में होने और विवाद के असली कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच यह बात तेजी से फैल रही है।

​अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज

​घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए बखरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, घायलों को शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं, लेकिन समय पर चिकित्सीय सहायता मिलने से उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

​पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

​इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभी तक पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से कोई औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है या नहीं। इसके साथ ही, आरोपी शिक्षक संजय सिंह के खिलाफ पुलिस क्या और कैसी कानूनी कार्रवाई करती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और पुलिस का पक्ष तथा जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई और परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।