बेगूसराय। स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सहयोग से बेगूसराय को बिहार का पहला आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) मॉडल जिला घोषित किया गया है। इस क्रांतिकारी बदलाव से अब मरीजों को इलाज के लिए कागजों का झमेला नहीं उठाना पड़ेगा।
डिजिटल स्वास्थ्य का नया युग
इस पहल का औपचारिक उद्घाटन बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मिशन निदेशक अरविंद कुमार वर्मा और बेगूसराय के डीएम श्रीकांत शास्त्री ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मिशन निदेशक ने कहा कि बेगूसराय का यह डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा पूरे बिहार के लिए एक रोल मॉडल बनेगा। वहीं डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि प्रशासन इस मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में आने वाली हर बाधा को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. पंकज कुमार अरोड़ा ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेगूसराय का यह प्रयास देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगा।
क्या है ABDM और इसके फायदे?
ABDM का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। इसके तहत मरीजों का एक डिजिटल हेल्थ अकाउंट यानी आभा (ABHA) आईडी बनेगा जिसमें उनकी संपूर्ण मेडिकल हिस्ट्री सुरक्षित रहेगी। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- पेपरलेस इलाज: मरीजों को अब अपनी पुरानी पर्चियां, एक्स-रे या जांच रिपोर्टें थैले में लेकर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
- लंबी लाइनों से मुक्ति: ओपीडी पूरी तरह डिजिटल होगी। मरीज क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे टोकन ले सकेंगे।
- बेहतर उपचार: डॉक्टर कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से मरीज का पिछला मेडिकल रिकॉर्ड तुरंत देख सकेंगे जिससे इलाज में सटीकता आएगी।
- प्रमाणित डेटाबेस: जिले के सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अस्पतालों का एक प्रमाणित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है।
बेगूसराय की दमदार उपलब्धियां
डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। बेगूसराय ने इसमें रिकॉर्ड कायम किए हैं:
- जिले में 19.49 लाख से अधिक आभा (ABHA) आईडी बनाई जा चुकी हैं।
- 23.59 लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स दर्ज हैं।
- 19.54 लाख से अधिक स्कैन एंड शेयर टोकन जनरेट किए गए हैं।
- 1010 से अधिक अस्पताल और 2100 से अधिक डॉक्टर इस सिस्टम से जुड़ चुके हैं।
इस मिशन को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ आईएमए (IMA) और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया है।

