अजय शास्त्री, बेगूसराय। जिले में सरकारी योजनाओं में लूट खसोट का आरोप जहां ग्रामीणों के द्वारा लगाया जा रहा है तो वही प्रशासनिक जांच भी सवालों के घेरे में है। मामला बछवारा प्रखंड के रुदौली पंचायत की है, जहां पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य में काफी अनियमितता का आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाया गया। लेकिन जब जांच टीम पहुंची तो ग्रामीणों का आरोप है कि बंद कमरे में सिर्फ खानापूर्ति की गई और जब लोगों ने इसका विरोध किया तो जिला पंचायती राज पदाधिकारी पूजा कुमारी ने लोगों के साथ असंवैधानिक तरीके से बात की और आम लोगों के मोबाइल को छीनने एवं हाथापाई का प्रयास किया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल पूरा मामला बछवारा प्रखंड के रुदौली पंचायत की है, जहां करोड़ों की लागत से पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से जांच की मांग की थी। जिसमें वार्ड सदस्य प्रतिनिधि जफिर आलम ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर जांच की गुहार लगाई थी। तब जिला कार्यालय से जिला पंचायती राज पदाधिकारी पूजा कुमारी को जांच का जीम्मा दिया गया।
जांच के नाम पर खानापूर्ति का आरोप
हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि जब वह वहां पहुंची तो संवेदक के साथ पंचायत सरकार भवन के अंदर चली गई तथा अंदर से ही दरवाजा बंद कर लिया और सिर्फ जांच की खानापूर्ति की गई। इसी बात को लेकर जब ग्रामीणों ने आवाज उठाई तो जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने केस करने की धमकी दी। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किस तरह सरकारी पदाधिकारी के द्वारा छीना झपटी की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।
भूमि दाता को जान से मारने की धमकी
स्थानीय ग्रामीण जो पेसे से शिक्षक हैं न्यूटन कुमार ने आरोप लगाया है कि उस दिन वह अवकाश पर थे और पंचायती सरकार भवन में भूमि दाता होने के वजह से वह भी उक्त स्थल पर पहुंचे। लेकिन पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा उनसे मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया तथा धमकी दी गई । ग्रामीण शिक्षण न्यूटन कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें विभागीय दबिश देकर प्रताड़ित किया जा रहा है तथा जान से मारने की भी धमकी दी गई है। इतना ही नहीं उन पर झूठा मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया है।
निर्माण कार्य में लगे लोगों पर शराब पीने का आरोप
फिलहाल उन्होंने इस मामले में न्याय पूर्ण जांच की गुहार लगाई है । इतना ही नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य में लगे लोगों के द्वारा लगातार शराब का भी सेवन किया जाता है। तथा हो हल्ला किया जाता है। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किस तरह शराब की बोतले पंचायती सरकार भवन के पीछे फेंकी गई है। उक्त मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं?
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