अजय शास्त्री, ​बेगूसराय। शहर के पावर हाउस रोड स्थित यशोदा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद भारी बवाल मच गया है। पांच बच्चों की मां की इस अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण और परिजन अस्पताल परिसर में जमा हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

​अस्पताल में भर्ती और परिजनों के आरोप

​मृतका की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के अतरवा निवासी विपिन पासवान की करीब 30 वर्षीय पत्नी मधुरानी देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मधुरानी देवी को अपेंडिक्स के इलाज के लिए यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
​परिजनों का आरोप है कि महिला का ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड के जरिए किया गया था, इसके बावजूद अस्पताल के काउंटर पर उनसे 25 से 30 हजार रुपये नकद जमा करवाए गए। पांच बच्चों की मां मधुरानी देवी की मौत से पूरा परिवार बिखर गया है, और अब उनके सामने बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।

​पुलिस की मौजूदगी और अस्पताल का पक्ष

​घटना की सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जानकारी ली। पुलिस ने पूरे मामले को अपने संज्ञान में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
​दूसरी ओर, जब मीडिया कर्मियों ने इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानना चाहा, तो अस्पताल के कंपाउंडर गोपाल कुमार ने यह कहकर टाल दिया कि फिलहाल अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। उनके आने के बाद ही बयान लिया जा सकता है।

​स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल

​इस दर्दनाक घटना ने निजी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था, मनमानी फीस और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए लापरवाही के इन आरोपों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग या पुलिस की औपचारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित बेसहारा परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।