बेतिया में एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लौरिया थाना क्षेत्र के बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर पराउ टोला बनकटवा के पास शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुआ। एक तेज रफ्तार बस सामने से आ रहे ट्रक से बचने के चक्कर में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी।

​छठी की खुशियां मातम में बदलीं

​बनकटवा गांव निवासी देवेंद्र दुबे के घर उनके पांचवें बेटे की छठी का कार्यक्रम चल रहा था। 15 अगस्त को जन्मे बच्चे की इस खुशी में भोज और ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और मेहमान शामिल हुए थे। हादसे का सबसे विदारक पहलू यह रहा कि मृतकों में बच्चे के पिता देवेंद्र दुबे (जो पेशे से ड्राइवर थे) भी शामिल हैं। पलभर में जश्न का माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया।

​ट्रक से बचने की कोशिश में हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से यात्रियों को लेकर बेतिया आ रही शाही ट्रेवल्स की बस की रफ्तार काफी तेज थी। विपरीत दिशा से एलपीजी सिलेंडर से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक आ रहा था। दोनों वाहनों की टक्कर की स्थिति बन गई, जिससे बचने के लिए बस चालक ने वाहन मोड़ने का प्रयास किया। तेज गति होने के कारण बस बेकाबू हो गई और सीधे सड़क किनारे लगे टेंट और ऑर्केस्ट्रा में घुसकर वहां मौजूद लोगों को रौंद दिया।

​आक्रोशित भीड़ का हंगामा और तोड़फोड़

​हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। गुस्से में आए स्थानीय लोगों ने बस में सवार 15 यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा और इसके बाद बस तथा ट्रक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आक्रोशित भीड़ ने कार्यक्रम में लगे स्पीकर और कुर्सियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

​घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

​घटना की सूचना मिलते ही नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह और लौरिया थाना पुलिस तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और लोगों को शांत कराया। सभी घायलों (जिनमें विनय कुमार यादव, श्याम बाबू, मोती चंद्र महतो और नरेश राम शामिल हैं) को तुरंत एंबुलेंस की मदद से बेतिया जीएमसीएच (GMCH) भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुटी है।