अतीश दीपंकर, भागलपुर। जिले के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयली खुटहा गांव में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। सड़क पर जमा बाढ़ के पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण एक ही परिवार के पांच लोगों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम और शोक की लहर दौड़ गई है।

​खेत जाने के दौरान हुआ हादसा और बचाने का प्रयास

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवार के कुछ सदस्य किसी जरूरी काम से खेत की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सड़क पर बाढ़ का पानी काफी दूर तक जमा हुआ था। पानी अधिक होने और उसकी गहराई का सही पता न चल पाने के कारण परिवार का एक सदस्य गहरे पानी में जा समाया। उसे डूबता देख बचाने के लिए परिवार के अन्य लोग भी आगे आए। एक-एक करके बचाने के इस सिलसिले में कई लोग गहरे पानी की चपेट में आ गए और देखते ही देखते यह भीषण हादसा हो गया।

​अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​घटना की भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पानी में डूबे सभी लोगों को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में तीन महिलाएं शामिल हैं। वहीं, इस हादसे में सुरक्षित बचे या बचाए गए एक अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इसके अलावा कुछ अन्य घायलों या शवों को फैब्रिकेटेड अस्पताल में रखा गया।

​मृतकों की पहचान और अस्पताल में पसरा गम

​इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मंचों देवी, सोनाक्षी कुमारी, प्रिंस कुमार, अभिषेक कुमार और अंशु प्रिया के रूप में हुई है। सभी मृतक एक ही परिवार से ताल्लुक रखते थे। घटना की सूचना मिलते ही बाईपास थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद थानाध्यक्ष और पंचायत के मुखिया समेत कई स्थानीय लोग मायागंज अस्पताल पहुंचे। एक ही घर से पांच अर्थियां उठने की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई और पूरा माहौल गमगीन हो गया।

​स्थानीय लोगों की मांग और प्रशासनिक कार्रवाई

​बाढ़ के दिनों में इस तरह के जलजमाव ने आम जनता की मुश्किलें और जोखिम दोनों बढ़ा दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर सड़क और खेत के रास्ते एक समान दिखते हैं, जिससे गहराई का बिल्कुल अंदाजा नहीं लग पाता। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी जलजमाव वाले और खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।