अतीश दीपंकर/​भागलपुर। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भागलपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शाहकुंड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरनथ गांव में चल रही एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियारों के साथ ही शस्त्र निर्माण में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों को जब्त किया गया है। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना अभी भी फरार है।

​गुप्त सूचना पर संयुक्त कार्रवाई

​सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि पुलिस को खुफिया स्रोतों से सूचना मिली थी कि हरनथ गांव निवासी मोहम्मद रिजवान के घर में लंबे समय से अवैध तरीके से हथियार बनाए जा रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए शाहकुंड थाना पुलिस, भागलपुर एसटीएफ और पश्चिम बंगाल एसटीएफ की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रिजवान के घर पर घेराबंदी कर छापेमारी की।

​भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद

​छापेमारी के दौरान पुलिस को घर के भीतर अवैध हथियारों का जखीरा मिला। पुलिस ने वहां से निर्मित और अर्धनिर्मित बंदूकों के साथ-साथ हथियार बनाने की मशीनें, ड्रिलिंग टूल्स और अन्य कच्चा माल बरामद किया है। बरामद हथियारों की संख्या और गुणवत्ता इस बात की ओर इशारा करती है कि यहां एक संगठित गिरोह काम कर रहा था जो पूरे क्षेत्र में हथियारों की आपूर्ति करता था।

पांच गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

पुलिस घटनास्थल से मौके पर मौजूद पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जिनकी पहचान मो. कासिम, मो. समीम, मो. मिराज, मो. मैसर और जब्बार मंसूरी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपी मुंगेर जिले के रहने वाले हैं, जबकि जब्बार मंसूरी शाहकुंड थाना क्षेत्र का ही निवासी है। हालांकि, छापेमारी की आहट मिलते ही मुख्य आरोपी मोहम्मद रिजवान भागने में सफल रहा।

​पुलिस की अगली रणनीति

​सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार पांचों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके ग्राहकों के बारे में पता लगाया जा सके। पुलिस ने रिजवान की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी हथियारों की तस्करी कर रहा था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने और इसके पीछे के बड़े मास्टरमाइंड को बेनकाब करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।