​अतीश दीपंकर/भागलपुर। जिले में आरपीएफ (RPF) जवान की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सबौर थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मृतक जवान की पहचान धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई थी, जिनकी हत्या अपराधियों ने ट्रेन में चोरी का विरोध करने पर कर दी थी।

​घटना का विवरण: ड्यूटी के दौरान लापता हुआ जवान

​मामले की शुरुआत 27 मई को हुई, जब आरपीएफ इंस्पेक्टर बिपिन कुमार ने सबौर थाने में जवान धर्मेंद्र कुमार के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज की और जवान की तलाश शुरू कर दी। गहन छानबीन के दौरान, पुलिस को सबौर थाना क्षेत्र के शंकरपुर पुल के पास एक अज्ञात शव मिला। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर बिपिन कुमार ने शव की पहचान लापता जवान धर्मेंद्र कुमार के रूप में की।

​हत्या का कारण: चोरी का विरोध पड़ा महंगा

​पुलिस अनुसंधान में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार जवान धर्मेंद्र कुमार ट्रेन में सक्रिय चोरों के गिरोह को रोकने का प्रयास कर रहे थे। जब अपराधी चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे तब जवान ने उनका विरोध किया। बदमाशों ने अकेला पाकर जवान का अपहरण कर लिया और बाद में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना अपराधियों के दुस्साहस और कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती को दर्शाती है।

​मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और साक्ष्य

​घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष टीम लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी कड़ी में तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने कोदवार गांव के बहियार (खेतों) में छिपे मुख्य अपराधी चिकु यादव को धर दबोचा। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से मृतक जवान की वर्दी का विसिल कोड और जले हुए कपड़े बरामद किए हैं जो इस जघन्य अपराध के बड़े सबूत माने जा रहे हैं।

​आगे की कार्रवाई

​पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी चिकु यादव का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह हत्या के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ इस कांड में शामिल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की धर-पकड़ के लिए निरंतर छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यह घटना रेलवे सुरक्षा में तैनात जवानों की सुरक्षा के प्रति एक गंभीर चिंता का विषय है।