अतीश दीपंकर, भागलपुर। भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु कल रविवार देर रात क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। आधी रात 12:30 बजे आसपास विक्रमशिला पुल के पाया नंबर 133 का एक स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया। हालांकि गनीमत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल की कोई क्षति नहीं पहुंची।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
मिली जानकारी के अनुसार पहले विक्रमशिला पुल के पाया नंबर 133 पोल के पास धंसाव हुआ, जिसकी जानकारी मिलने के तुरंत बाद गाड़ियों के आवागमन को बंद कर दिया गया। इसके कुछ देर बाद ही पुल का वह हिस्सा (133-134 के बीच का) स्लैब टूटकर नदी में गिर गया। ट्रैफिक थाना अध्यक्ष और अन्य पुलिस प्रशासन की ओर से दिखाई गई सतर्कता से कोई हानि नहीं पहुंची और पुल के दोनों तरफ लगी वाहनों की लंबी कतारों को हटा लिया गया।
प्रशासन ने पुल को किया सील
पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही मौके पर वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर, जिला पदाधिकारी भागलपुर और अन्य सभी सीनियर पदाधिकारी और पुलिस बल पुल पर पहुंचकर पुल को पूरी तरीके से खाली कराकर उसे सील कर दिया। यातायात को डायवर्ट करते हुए सुल्तानगंज होते हुए मुंगेर की तरफ कर दिया गया है। इसके लिए आवश्यक पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन में सभी लोगों से अनुरोध किया है कि नवगछिया की तरफ जाने हेतु सुल्तानगंज होते हुए मुंगेर पुल की तरफ से सभी लोग अभी जा सकते हैं।
एसएसपी प्रमोद यादव का बयान
भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि आज ट्रैफिक थाना अध्यक्ष और उनकी टीम के द्वारा मामले को लेकर त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जैसे ही मुझे सूचना प्राप्त हुई। मैं वहां पर खड़े सभी आम पब्लिक को पीछे हटने का निर्देश दिया और धीरे-धीरे जैसे यह लोग गाड़ियों को पीछे हटना आरंभ किए थे कि, पुल का स्लैब टूट गया।
एसएसपी ने कहा कि, ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता से आज किसी भी जान-माल की हानि नहीं हुई। वह स्वयं नवगछिया एसपी और अन्य सभी पदाधिकारी को सूचित किये और अतिरिक्त बल को मौके पर उपलब्ध कराते हुए सभी यातायात को डायवर्ट किया गया तथा पुल को सील कर दिया गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
एक तरफ जहां प्रशासन समय पर पहुंचकर बड़ी घटना घटित होने से पहले उसे रोकने का दावा कर रही है। वहीं, स्थानीय लोग इस घटना के लिए प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। स्थानीय एक युवक ने बताया कि पुल को जो हिस्सा गिरा है, मार्च में ही उसके धंसने की सूचना मिली थी। लेकिन उस दौरान स्थानीय प्रशासन और जिलाधिकारी द्वारा यह कहा गया कि सबकुछ ठीक है। अगर उस समय प्रशासन एक्टिव हुआ होता तो आज यह घटना नहीं घटती।
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