चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कथित वायरल वीडियो को लेकर राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला। सीएम मान ने आरोप लगाया कि वीडियो की जांच करने वाली फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के मालिकों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन पर रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने फोरेंसिक लैब संचालकों को डराकर यह कहने के लिए मजबूर किया कि उन्हें रिपोर्ट बदलने के लिए पैसों की पेशकश की गई थी। मान ने कहा कि ऐसी राजनीति कभी कामयाब नहीं होती। आखिरकार, मेरी किस्मत का फैसला जनता ही करेगी।
क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब हरियाणा के फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए। जस्सी का दावा है कि 16 जून 2026 को गुरुग्राम के एक लग्जरी होटल (क्राउन प्लाजा) में पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों की एक गुप्त बैठक हुई थी। इस बैठक का मकसद कथित तौर पर एक मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाना था, ताकि वायरल वीडियो को डीपफेक (फर्जी) घोषित किया जा सके।
इस बैठक का एक कथित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा और एसपी जसदीप गिल वहां मौजूद थे। हालांकि, इस सीसीटीवी फुटेज और सामने आए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

10 लाख रुपये की पेशकश का आरोप और FIR
शिकायतकर्ता और फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत सिंह ने आरोप लगाया है कि होटल में मुलाकात के दौरान पंजाब पुलिस के दो अधिकारियों ने उन्हें 10 लाख की पेशकश की थी। उन्होंने दावा किया कि साइबर यान और सिफर सेंटिनल लैब्स के जरिए दो फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की गई, जो सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं नहीं हैं। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
कहां से शुरू हुआ यह विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब एनआरआई जगमन सामरा ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि इसमें दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं। आरोप है कि वीडियो में एक व्यक्ति सिख गुरुओं की तस्वीरों के पास शराब छिड़क रहा है और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार कर रहा है। जहां एक तरफ अकाल तख्त ने कथित तौर पर इस वीडियो को असली मान लिया है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लगातार इन दावों को खारिज किया है। मान का साफ कहना है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं और यह फुटेज उनका नहीं है।
अकाल तख्त सचिवालय का बयान
इस सियासी घमासान के बीच अकाल तख्त सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह का भी एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जिसने भी अकाल तख्त साहिब को चुनौती दी है, उसे आखिरकार इसके परिणाम भुगतने पड़े हैं।
- सिंहस्थ क्षेत्र में गरजा बुलडोजर: जमीन पर कब्जा कर बना रहे थे होटल-रिसॉर्ट, निगम ने दी सख्त चेतावनी
- बिहार पंचायत चुनाव को लेकर CM सम्राट चौधरी ने दिया बड़ा अपडेट, जानें कब होगा चुनाव
- बेकाबू कार ने मंदिर से निकल रही महिलाओं को रौंदा: चालक को खंभे से बांधकर पीटा, कार्रवाई की मांग को लेकर हाईवे जाम
- ‘पीले मंत्री’ के लिए सपा के दरवाजे बंद, सीमा राजभर ने किसे कहा- ‘दुर्घटना की पैदाइश’
- शहडोल में लापरवाही पर डबल एक्शन: कलेक्टर ने प्रधानाध्यापक, एसपी ने आरक्षक को किया निलंबित



