कुंदन कुमार, पटना। बिहार में कानून व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर एक बार फिर से सियासत और चर्चाएं तेज हो गई हैं। बहुचर्चित भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक जवान की गिरफ्तारी के बाद राज्य के पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। इस बीच, बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। डीजीपी के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

​अनुसंधान और सबूतों के आधार पर हो रही है पूरी कार्रवाई

​डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया है कि अब तक इस मामले में जितनी भी गिरफ्तारियां और पुलिसिया कार्रवाई की गई हैं, वे पूरी तरह से वैज्ञानिक और अनुसंधान पर आधारित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस मनमाने तरीके से कोई भी कदम नहीं उठा रही है बल्कि एनकाउंटर के दिन की परिस्थितियों घटनास्थल के साक्ष्यों और तकनीकी साक्ष्यों को बारीकी से खंगालने के बाद ही यह कानूनी कार्रवाई की गई है।
​डीजीपी ने यह भी आश्वस्त किया है कि भविष्य में भी इस मामले में जो भी कदम उठाए जाएंगे वे केवल और केवल निष्पक्ष जांच के निष्कर्षों पर ही आधारित होंगे। यदि जांच के दौरान किसी भी अन्य अधिकारी याकर्मी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

​जारी है उच्चस्तरीय ज्यूडिशियल इंक्वायरी

​भारत तिवारी एनकाउंटर की सत्यता और पुलिस कार्रवाई की वैधता की जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया भी समांतर रूप से चल रही है। डीजीपी विनय कुमार ने जानकारी दी है कि इस पूरे मामले में एक ज्यूडिशियल इंक्वायरी (न्यायिक जांच) भी चल रही है। इस न्यायिक जांच का मुख्य उद्देश्य घटना से जुड़े हर एक पहलू की निष्पक्ष समीक्षा करना है ताकि इस एनकाउंटर की सच्चाई पूरी तरह से जनता और अदालत के सामने आ सके। पुलिस महकमा इस न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहा है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
​जांच के दायरे में अन्य लोग हो सकती हैं और भी गिरफ्तारियां
​इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी को शुरुआती चरण का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। डीजीपी विनय कुमार ने अपने बयान में यह साफ संकेत दिए हैं कि जैसे-जैसे अनुसंधान की सुई आगे बढ़ेगी और कड़ियां जुड़ती जाएंगी, वैसे-वैसे इस मामले में और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
​बिहार पुलिस इस मामले के हर एक पहलू, जैसे कि खुफिया इनपुट, एनकाउंटर के समय पुलिस बल की गतिविधियां और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है। डीजीपी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।