अजय सैनी, भिवानी. भारत-अमेरिका ट्रेड डील, धान की सरकारी खरीद में देरी और फसल बिक्री की जटिल प्रक्रिया को लेकर भारतीय किसान संघ ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान संघ के भिवानी जिला प्रमुख पवन लक्ष्मणपुरा ने सरकार की कृषि नीतियों और खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए 20 अगस्त को पूरे हरियाणा में ज्ञापन देने और जरूरत पडऩे पर सडक़ें जाम करने की चेतावनी दी है।


भारतीय किसान संघ के भिवानी जिला प्रमुख पवन लक्ष्मणपुरा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि इस डील को लेकर अभी तक सरकार का कोई लिखित समझौता नहीं हुआ है। अमेरिका की ओर से भारत पर इसे लागू करने का भारी दबाव है, लेकिन भारतीय किसान संघ भी इस डील को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में किसानों का मुख्य आधार खेती ही है और सरकार इस डील के जरिए इसी आधार को तबाह करना चाहती है। भारत एक बहुत बड़ा कृषि बाजार और उपभोक्ता देश है, जिसे किसी विदेशी दबाव के हवाले नहीं किया जा सकता। इस सिलसिले में किसान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री से भी मुलाकात कर अपनी चिंताएं जता चुका है।

आगामी धान के सीजन का जिक्र करते हुए भाकिसं जिला प्रमुख ने सरकार की नीतियों में अंतर को उजागर किया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई अच्छी किस्मों के कारण किसान 10 जून को धान की रोपाई करता है और 10 सितंबर तक फसल पककर तैयार हो जाती है। किसान 15 सितंबर तक फसल लेकर मंडी पहुंच जाता है, लेकिन सरकार खरीद की आधिकारिक तारीख एक अक्टूबर तय करती है। खरीद में देरी के चलते किसानों को अपनी उपज 500 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के दशकों बाद भी सरकार किसान की फसल खरीद व्यवस्था को सुचारू नहीं कर पाई है। यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है।

पोर्टल और सत्यापन प्रक्रिया पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसान पहले ही पोर्टल पर अपनी फसल का पूरा ब्यौरा दर्ज करा चुका है, तो उसी को प्रामाणिक माना जाना चाहिए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि फसल बेचने के लिए किसानों से चार-चार एनओसी मांगी जा रही हैं। किसान कोई अपराधी या पाकिस्तानी नहीं हैं; जितनी जानकारी आज अपनी ही फसल बेचने के लिए किसानों से मांगी जा रही है, उतनी तो किसी डकैत से भी नहीं ली जाती।


भारतीय किसान संघ ने ऐलान किया है कि इन सभी मांगों को लेकर 20 अगस्त को हरियाणा के सभी जिलों में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि इसके बावजूद सरकार ने ढिलाई बरती या किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो संगठन प्रदेश स्तर पर सडक़ें जाम करने से भी पीछे नहीं हटेगा।