Bharatpur Mayor Election: भरतपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में शुक्रवार को अचानक बड़ा बदलाव हो गया। पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट की पत्नी और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद महापौर पद के लिए अब सिर्फ भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह मैदान में रह गई हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका निर्विरोध निर्वाचन होगा।

नामांकन वापस लेने के बाद शिव सिंह भोंट ने पहले कहा, “खेला हो गया, यही तो खेला है।” हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि भरतपुर में हो रहे विकास कार्यों को देखते हुए नामांकन वापस लेने का फैसला स्वेच्छा से लिया गया है। उन्होंने किसी तरह के दबाव से इनकार किया।
16 सितंबर को दाखिल हुए थे नामांकन
भरतपुर नगर निगम महापौर पद के लिए 16 सितंबर को नामांकन दाखिल किए गए थे। भाजपा की ओर से अनुराधा सिंह ने नामांकन भरा था। वहीं पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा सिंह ने कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था।
विचित्रा सिंह ने महापौर पद के लिए दो नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इस तरह दो प्रत्याशियों की ओर से कुल तीन नामांकन पत्र जमा हुए थे। शुक्रवार को विचित्रा सिंह के नाम वापस लेने के बाद अब चुनाव में मुकाबला नहीं रह गया है।
3 बजे तक थी नाम वापसी की समय सीमा
रिटर्निंग अधिकारी रिछपाल बुरडक ने बताया कि महापौर पद के लिए दो अभ्यर्थी चुनाव मैदान में थे। विचित्रा सिंह की ओर से नाम वापस लेने की प्रक्रिया स्वीकार कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की समय सीमा थी। विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद महापौर पद के लिए मतदान कराने की आवश्यकता नहीं रह गई। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुराधा सिंह के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जाएगी और संबंधित औपचारिकताएं पूरी होंगी।
मंत्री बेढम ने जताया आभार
नामांकन वापसी के बाद मंत्री जवाहर सिंह बेढम भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने पूर्व सभापति शिव सिंह भोंट और विचित्रा सिंह का आभार जताया। बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री की विकासोन्मुखी सोच और भाजपा संगठन के साथ खड़े होकर भरतपुर के विकास में योगदान देने के उद्देश्य से विचित्रा सिंह ने नामांकन वापस लिया है। उन्होंने इसे भरतपुर के लिए शुभ संकेत बताया।
बेढम ने शिव सिंह भोंट को अपना पुराना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि भोंट पहले भरतपुर में सभापति और महापौर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और शहर के विकास में उनका योगदान रहा है।
भोंट बोले- विकास को देखते हुए लिया फैसला
मंत्री जवाहर सिंह बेढम के मुताबिक, शिव सिंह भोंट ने मुख्यमंत्री की ओर से भरतपुर में कराए जा रहे विकास कार्यों का हवाला देते हुए बिना विरोध के महापौर चुनने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी विचित्रा सिंह के साथ चर्चा की और नामांकन वापस लेने का फैसला किया। बेढम ने यह भी कहा कि शिव सिंह भोंट पहले भाजपा में रहे हैं और आगे भी पार्टी के साथ मिलकर काम करेंगे।
वहीं नामांकन वापसी के बाद शिव सिंह भोंट ने किसी तरह के आश्वासन से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भरतपुर में विकास कार्य करा रहे हैं और राज्य में भाजपा की सरकार है। उन्होंने जवाहर सिंह बेढम को मुख्यमंत्री का सहयोगी बताते हुए कहा कि भरतपुर में हो रहे विकास कार्यों को देखते हुए उन्होंने अपनी इच्छा से नामांकन वापस लेने का फैसला किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी अधिकारी की ओर से दबाव बनाया गया था, तो उन्होंने इसे भी खारिज कर दिया।
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