अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा के हांसी-भिवानी रोड पर मंगलवार रात एक निजी बस में लगी भीषण आग में मारे गए दो लोगों की पहचान डीएनए रिपोर्ट के आधार पर कर ली गई है। मृतकों में हरियाणा पुलिस की सीआईडी शाखा में तैनात एएसआई सुनील और भिवानी के सेवा नगर निवासी 45 वर्षीय बलजीत शामिल हैं।

एएसआई सुनील भिवानी जिले के गांव बड़सी के रहने वाले थे और बवानीखेड़ा से बस में सवार हुए थे। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी और पुलिस की लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर उनके बस में होने का संदेह था, जिसकी पुष्टि अब डीएनए रिपोर्ट से हो गई है।

हादसे के बाद सुनील के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मार्मिक कहानी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार, उन्होंने अंतिम क्षण तक यात्रियों की जान बचाने की कोशिश की और अपनी जान की परवाह नहीं की। इस वीरता के चलते पुलिस ने उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

भिवानी के अस्पताल से उनके गांव बड़सी तक अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें पुलिस और आमजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।दूसरे मृतक की पहचान सेवा नगर निवासी बलजीत के रूप में हुई है, जो हिसार स्थित जिंदल फैक्ट्री में कार्यरत थे। उनकी पहचान भी डीएनए जांच के जरिए सुनिश्चित की गई।

गौरतलब है कि बस में लगी आग इतनी भीषण थी कि शवों की पहचान संभव नहीं हो सकी थी, जिसके बाद परिजनों की मांग पर डीएनए परीक्षण कराया गया। फिलहाल प्रशासन और पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। अभी तक आग लगने के कारणों या किसी संभावित धमाके की पुष्टि नहीं हो पाई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में दो लोगों के लापता होने की सूचना थी, जिनमें से एक पुलिस विभाग से संबंधित था। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद अब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन ने हादसे के कारणों का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है।