अजय सैनी, भिवानी. समाधान शिविरों में आम जनता की शिकायतों को तत्परता से निदान कराने के लिए भले ही हरियाणा सरकार की मंशा सकारात्मक रही है, लेकिन अधिकारियों की मंशा में खोट अब खुलकर सामने आने लगा है। ताजा मामला में नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार विभाग के अधिकारियों पर अवैध काॅलोनी में कार्रवाई के नाम पर की शिकायत की जांच अब ठेका पर लगा कर्मचारी करेगा।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने 25 जून 2026 को लघु सचिवालय परिसर के डीआरडीए हाल में लगने वाले समाधान शिविर में दी थी। बृजपाल सिंह परमार ने आरोप लगाया कि था कि तोशाम रोड जागृति काॅलोनी मोड टीआईटी ग्राउंड में 4.2 एकड भूमि पर विधायक के कुनबे ने अवैध रूप से काॅलेनी काटी है। इस अवैध काॅलोनी मामले में हरियाणा राज्य परिवर्तन ब्यूरो थाना भिवानी में एफआईआर भी दर्ज है। इस एफआईआर में भिवानी विधायक की पत्नी प्रेमलता सराफ, भांजा मोहित गोयल, बेटा अमन गर्ग, बेटी स्वेता व मनीषा के नाम शामिल है।
इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारियों व चेयरपर्सन की मिलीभगत से इस अवैध काॅलोनी को वैद्य करने की अनुशंसा नियमों को ताक पर रखकर भेज दी। जिस पर स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने मामले की शिकायत 25 जून को दी थी।
इस शिकायत में नगर परिषद के डीएमसी, कार्यकारी अधिकारी, जेई, एमई, प्लानिंग एक्सपर्ट सहित नगर परिषद चेयरपर्सन, चेयरपर्सन प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसी तरह शिकायत में जिला नगर योजनाकार व नगर योजनाकार के जेई की मिलीभगत के आरोप भी शामिल थे।
समाधान शिविर की शिकायत की उपायुक्त ने 16 जुलाई को मामले की जांच के लिए नगर परिषद के जिला नगर आयुक्त को भेज दी। जिला नगर आयुक्त ने नगर परिषद के अधिकारियों और नगर परिषद चेयरपर्सन व प्रतिनिधि के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी नगर परिषद के प्लानिंग एक्सपर्ट को सौंप दी। ये कर्मचारी ठेका प्रथा के तहत नगर परिषद में लगा है, जबकि शिकायत में ये ठेका कर्मचारी भी खुद आरोपी है।
समाधान शिविर में विधायक के कुनबे की अवैध काॅलोनी पर कार्रवाई करने तो बहुत दूर की बात है, जबकि जांच के नाम पर नगर परिषद अधिकारियों ने उपायुक्त के आदेशों का भी मजाक बनाकर रख दिया है। ये ठेका कर्मचारी किस तरह की जांच करेगा और इसकी जांच पर किस तरह की कार्रवाई होगी यह तो आम जनता भी भलीभांति समझ रही है। जबकि जिला नगर योजनाकार विभाग व नगर परिषद के अधिकारी भ्रष्टाचार में गले तक डूबे हैं।
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