भोजपुर। चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। इसे फर्जी करार देते हुए पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज बिलौटी गांव पहुंचेंगे।

​चिराग पासवान की सक्रियता और गृहमंत्री से मुलाकात

​चिराग पासवान इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। गुरुवार को उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर न केवल भरत तिवारी एनकाउंटर बल्कि राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की हत्या का मुद्दा भी उठाया। चिराग ने स्पष्ट शब्दों में कहा वर्दी की आड़ में निर्दोषों पर गोली चलाना कानूनन गलत है। दोषी पुलिसकर्मियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार से मिलकर चिराग पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।

​राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जांच की मांग

​इस मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सुर भी मुखर हैं। मंत्री मदन सहनी ने आरोपी डीएसपी राजेश शर्मा की पुनः पोस्टिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के बाद ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए थी। वहीं, अलीनगर से विधायक मैथिली ठाकुर ने एनकाउंटर में गंभीर अनियमितताओं की बात कही और दोषी अधिकारी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

​विवादित बयान और परिजनों का खंडन

​दूसरी ओर पूर्व सांसद नागमणि कुशवाहा ने विवादित बयान देते हुए भरत तिवारी की तुलना जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों से कर दी। उन्होंने पिस्टल पर पाकिस्तानी मोहर और घर में तहखाना होने का दावा किया। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भरत तिवारी की मां ने कहा कि उन्हें बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि जांच में पिस्टल और तहखाने के दावे गलत साबित होते हैं तो नागमणि को फांसी की सजा दी जाए।

​प्रशासनिक सतर्कता

​चिराग पासवान के दौरे को लेकर बिलौटी गांव में प्रशासनिक व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में समर्थकों और पार्टी नेताओं के पहुंचने की संभावना है। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह उच्च-स्तरीय हस्तक्षेप पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा या विवाद और बढ़ेगा।