सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन (ई20) नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस नीति को उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह बताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को तत्काल बर्खास्त कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
अजय राय ने कहा कि उन्होंने पहले भी एथेनॉल नीति के वैज्ञानिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं की स्वतंत्र जांच और पारदर्शिता की मांग की थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. उनका आरोप है कि सरकार E20 के बाद E85 और E100 जैसी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, जबकि करोड़ों वाहन उपभोक्ताओं की चिंताओं की अनदेखी की जा रही है.
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और उपभोक्ताओं को सस्ता ईंधन मिलेगा. लेकिन आज एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल भी लगभग सामान्य पेट्रोल के बराबर कीमत पर मिल रहा है, जिससे आम लोगों को कोई राहत नहीं मिली.
अजय राय ने यह भी कहा कि यदि पहले पेट्रोल में मिलावट की जिम्मेदारी पेट्रोल पंप की होती थी, तो अब तेल कंपनियों द्वारा किए जा रहे एथेनॉल मिश्रण से वाहन में खराबी, माइलेज में कमी या इंजन को नुकसान होने की स्थिति में जवाबदेही तय होनी चाहिए. उनका कहना है कि इस कारण बीमा और वारंटी संबंधी विवाद भी बढ़ रहे हैं. अजय राय ने अपने पत्र में मांग की है कि नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी को पद से हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और एथेनॉल नीति से जुड़े संभावित हितों के टकराव की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए.


